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राजस्थान

JNVU में NSUI का बड़ा प्रदर्शन: जोधपुर: JNVU में फीस वृद्धि के खिलाफ NSUI का हल्ला बोल, 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति को सौंपा ज्ञापन

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में एनएसयूआई ने फीस वृद्धि और सेमेस्टर परिणामों में देरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्र नेताओं ने 16 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की चेतावनी दी है।

HIGHLIGHTS

  • एनएसयूआई ने जोधपुर के जेएनवीयू में फीस वृद्धि न करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
  • छात्रों ने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत परिणामों को समय पर घोषित करने की मांग उठाई।
  • पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को जल्द शुरू करने और कैंपस में बुनियादी सुविधाएं सुधारने पर जोर दिया।
  • कुल 16 मांगों को लेकर कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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जोधपुर | जोधपुर के प्रतिष्ठित जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) में छात्र हितों को लेकर एनएसयूआई ने एक विशाल आंदोलन की शुरुआत की है। मंगलवार को विश्वविद्यालय का मुख्य कार्यालय परिसर 'छात्र एकता जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा। एनएसयूआई के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा और जल्द कार्रवाई की मांग की। छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बुनियादी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है।

फीस वृद्धि का कड़ा विरोध

प्रदर्शनकारियों की सबसे मुख्य मांग इस शैक्षणिक सत्र में फीस में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न करने की है। छात्र नेताओं ने तर्क दिया कि पिछले वर्ष ही फीस में लगभग 25 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई थी। अब दोबारा फीस बढ़ाना मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के छात्रों के लिए शिक्षा के रास्ते बंद करने जैसा होगा। एनएसयूआई ने मांग की है कि सभी पाठ्यक्रमों की फीस को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय ही स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

NEP सेमेस्टर और परीक्षा परिणाम

नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत संचालित की जा रही सेमेस्टर प्रणाली में देरी को लेकर भी छात्र काफी आक्रोशित दिखे। उन्होंने मांग की कि सेमेस्टर की परीक्षाएं समय पर आयोजित हों और उनके परिणाम भी जल्द घोषित किए जाएं। परिणामों में देरी के कारण छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रवेश लेने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही यूजी और पीजी स्तर पर रिवैल्यूएशन की सुविधा को और अधिक सुलभ बनाने की मांग की गई है।

कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं

विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। कई कक्षाओं में बिजली की वायरिंग खराब है और पंखे व लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि इन सभी उपकरणों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए ताकि छात्रों को गर्मी में पढ़ाई करने में परेशानी न हो। साथ ही विश्वविद्यालय के सभी हॉस्टलों का विस्तृत निरीक्षण कर वहां आवश्यक सुधार कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करने की अपील की गई है।

शोध और अन्य महत्वपूर्ण मांगें

शोधार्थियों के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा, प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस बनाने का सुझाव दिया गया ताकि छात्रों को लंबी कतारों से मुक्ति मिल सके। नए परिसर के मुख्य द्वार, जो कि पाली रोड पर स्थित है, वहां स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की गई है। यह मांग सड़क पार करते समय होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए की गई है ताकि छात्र सुरक्षित रह सकें।

छात्र नेताओं की मौजूदगी

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी, इकाई अध्यक्ष जुंजार सिंह चौधरी और छात्रनेता एमएल चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा रोहित मेहरा, हर्षवर्धन सिंह, ललित छवरिया, नमन जैन और जितेश्वर चौधरी ने भी अपनी बात रखी। छात्र नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी 16 मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति और विद्यार्थी हितों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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