राजस्थान

जोधपुर एयरपोर्ट एक माह के लिए बंद: जोधपुर एयरपोर्ट पर 1 महीने तक नहीं उड़ेंगे विमान, रनवे मरम्मत के लिए वायुसेना ने लागू किया नोटम; जानें नया शेड्यूल

मानवेन्द्र जैतावत · 28 मार्च 2026, 06:02 सुबह
जोधपुर हवाई अड्डा रनवे की मरम्मत के कारण 29 मार्च से 27 अप्रैल तक बंद रहेगा। इस दौरान सभी सिविल उड़ानें स्थगित रहेंगी और यात्रियों को जयपुर या उदयपुर एयरपोर्ट का विकल्प चुनना होगा।

जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर जिले से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सूर्यनगरी का हवाई अड्डा शनिवार से अगले एक माह के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

शनिवार दोपहर को मुंबई जाने वाली आखिरी फ्लाइट के बाद एयरपोर्ट के रनवे को मरम्मत कार्य के लिए वायुसेना को सौंप दिया गया। अब यहाँ से नागरिक उड़ानें पूरी तरह बंद रहेंगी।

भारतीय वायुसेना ने रनवे के रख-रखाव के लिए 29 मार्च से 27 अप्रैल तक 'नोटम' (Notice to Airmen) जारी किया है। इस दौरान किसी भी सिविल विमान को यहाँ लैंडिंग या उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी।

वायुसेना का सात साल बाद बड़ा फैसला

जोधपुर एयरपोर्ट दरअसल एक सैन्य हवाई अड्डा है, जिसका रनवे नियंत्रण भारतीय वायुसेना के अधीन आता है। वायुसेना करीब सात साल के लंबे अंतराल के बाद रनवे की व्यापक मरम्मत कर रही है।

एयरपोर्ट निदेशक मनोज उनियाल ने स्पष्ट किया कि 28 अप्रैल से ही हवाई अड्डे पर सिविल उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू हो पाएगा। इसके लिए नया समर शेड्यूल भी जारी किया जाएगा।

वायुसेना के इस फैसले से जोधपुर के अलावा देश के तीन अन्य एयरपोर्ट भी प्रभावित हो रहे हैं। इनमें पुणे का सैन्य हवाई अड्डा भी शामिल है जहाँ मरम्मत कार्य किया जाना है।

लाखों यात्री होंगे प्रभावित

एयरपोर्ट के एक महीने तक बंद रहने से लगभग 1.10 लाख यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना होगा। वर्तमान में यहाँ से छह प्रमुख शहरों के लिए 14 उड़ानें संचालित होती हैं।

यहाँ से प्रतिदिन औसतन 3500 यात्री आवागमन करते हैं। इस शटडाउन का असर न केवल आम जनता पर, बल्कि जोधपुर स्थित एम्स, आईआईटी और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य संस्थानों पर भी पड़ेगा।

तेज गर्मी के मौसम में एयर कनेक्टिविटी नहीं होने से इन संस्थानों के विशेषज्ञों और अधिकारियों का आवागमन कम होगा। अब लोगों को ट्रेन और बस के लंबे सफर का सहारा लेना पड़ेगा।

वैकल्पिक यात्रा विकल्प

हवाई संपर्क कटने के कारण यात्रियों को अब जयपुर, उदयपुर या अहमदाबाद एयरपोर्ट का सहारा लेना होगा। उदयपुर एयरपोर्ट जोधपुर के काफी करीब है और वहां से अन्य शहरों की कनेक्टिविटी भी बेहतर है।

इसके अलावा, यात्री किशनगढ़ एयरपोर्ट का विकल्प भी चुन सकते हैं, हालांकि वहां उड़ानों की संख्या काफी सीमित है। दक्षिण भारत जाने वालों के लिए अहमदाबाद एक प्रमुख विकल्प बनकर उभरा है।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी टिकट बुकिंग और यात्रा की योजना 28 अप्रैल के बाद के नए शेड्यूल को ध्यान में रखकर ही बनाएं ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।

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