जोधपुर | जोधपुर एयरपोर्ट करीब एक महीने के लंबे इंतजार के बाद फिर से गुलजार हो गया है। नए रनवे के साथ इसकी क्षमता और सुरक्षा में काफी बड़ा सुधार देखा गया है। करीब 100 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बने इस रनवे से अब अधिक और भारी विमानों का संचालन सुगम हो सकेगा। यह शहर के पर्यटन और विकास के लिए बड़ी सौगात है।
19 साल बाद जोधपुर को मिला आधुनिक रनवे
इस रनवे के निर्माण में लगभग 3500 मीट्रिक टन बिटुमिन यानी डामर का उपयोग किया गया है। यह मात्रा इतनी अधिक है कि इससे 100 किमी लंबी सड़क आसानी से बन सकती है। साल 2007 के बाद पहली बार रनवे का इतना व्यापक पुनरुद्धार हुआ है। इससे एयरपोर्ट की संचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की बढ़ोतरी सुनिश्चित हुई है।
अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों का सहयोग
रनवे को पांच हाई-टेक लेयर में बनाया गया है। इसमें स्ट्रेस ऑब्जर्विंग मेंब्रेन इंटरलेयर (सामी) लगाई गई है, जो लैंडिंग के झटकों को सोखकर कुशन जैसा अहसास देगी। इसमें ग्लास ग्रेड फाइबर लेयर का भी इस्तेमाल हुआ है, जो रनवे को भविष्य में होने वाले क्रैक से सुरक्षित रखेगी। यह तकनीक रनवे की उम्र और मजबूती को कई गुना बढ़ा देती है। निर्माण के दौरान आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस का तकनीकी सहयोग लिया गया। इससे निर्माण की गुणवत्ता को हर स्तर पर बारीकी से जांचा और परखा गया है।
"रनवे का पीसीएन 40 प्लस रखा गया है, जिससे भारी विमान सुरक्षित लैंडिंग कर सकेंगे। एयरफोर्स के फाइटर प्लेन 20 मई से उड़ान शुरू करेंगे।" - निर्माण एजेंसी
युद्ध का असर और उड़ानों का नया शेड्यूल
अमरीका-ईरान युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर बिटुमिन के दाम बढ़ गए थे, जिससे निर्माण में चुनौतियां आईं। इसकी आपूर्ति के लिए पांच अलग-अलग रिफाइनरियों का सहारा लेना पड़ा। फिलहाल 2.5 किमी लंबे रनवे में से 1800 मीटर का मुख्य काम पूरा हो चुका है। शेष हिस्से का काम तीसरे फेज में पूरा किया जाएगा, जिसकी तैयारी भी अब अंतिम चरण में है। मंगलवार सुबह 8:45 बजे इंडिगो की पहली फ्लाइट जोधपुर पहुंची। नए समर शेड्यूल के तहत दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और हैदराबाद के लिए नियमित उड़ानें शुरू हो गई हैं। दो नए टैक्सी-वे विकसित होने से अब विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के बीच का समय घटेगा। इससे एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट पहले से कहीं अधिक सुचारू और तेज हो गया है। जोधपुर एयरपोर्ट का यह कायाकल्प न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ यह राजस्थान के विकास में नया अध्याय लिखेगा।
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