जोधपुर | राजस्थान एटीएस की जोधपुर टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस कमिश्नरेट और ग्रामीण इलाकों में अवैध विस्फोटकों का भारी जखीरा पकड़ा गया है।
एटीएस की चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्गसिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में एटीएस की टीमों ने कार्रवाई की। तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक मिला।
एटीएस को लंबे समय से जोधपुर में अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इनपुट था कि यहाँ भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एकत्र की जा रही है। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी गई।
टीमों ने राजीव गांधी नगर के केरू गांव और सूरसागर के फिदूसर चौपड़ में दबिश दी। इसके साथ ही जोधपुर ग्रामीण के ओसियां क्षेत्र के चेराई गांव में भी कार्रवाई की गई।
अवैध फैक्ट्री जैसा मिला सेटअप
छापेमारी के दौरान गोदामों की तलाशी में चौंकाने वाली चीजें मिलीं। वहां केवल भंडारण ही नहीं था, बल्कि अवैध फैक्ट्री जैसा सेटअप मिला। मौके से ग्राइंडिंग और मिक्सिंग मशीनें बरामद की गईं।
एटीएस को वहां से इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू और बारूद तौलने के बर्तन भी मिले। सफेद पाउडर से भरे दर्जनों कट्टे भी भारी मात्रा में जब्त किए गए। इससे अवैध री-पैकेजिंग का संदेह है।
दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी
इस पूरे मामले में सूरसागर थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कबीर नगर निवासी 50 वर्षीय नुसरत अली को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 27 वर्षीय आफताब को भी पकड़ा गया है।
पकड़े गए संदिग्धों से एटीएस की टीमें गहन पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में बारूद कहाँ से आया। इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ हो सकता है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जुड़े तार
तलाशी में 'सोलर राजपावर 90' ब्रांड की जिलेटिन छड़ें मिली हैं। इसके अलावा 'इंडो गल्फ इंडस्ट्रीज लिमिटेड' के डेटोनेटर भी बरामद हुए। कुछ सामग्री पर 'एपी एक्सप्लोसिव्स प्राइवेट लिमिटेड' के मार्का लगे हैं।
शुरुआती जांच में पता चला है कि एपी एक्सप्लोसिव्स कंपनी तेलंगाना की है। दूसरे राज्यों की कंपनियों के खतरनाक डेटोनेटर यहाँ कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है। जांच एजेंसियां इस सप्लाई चेन को खंगाल रही हैं।
एटीएस की टीमें इस पूरे नेटवर्क के असल मकसद का पता लगाने में जुटी हैं। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
एटीएस को अंदेशा है कि इस सामग्री का इस्तेमाल अवैध खनन या अन्य गतिविधियों में होना था। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी ली गई।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जोधपुर जैसे संवेदनशील शहर में इस तरह का जखीरा मिलना खतरे की घंटी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
फिलहाल जब्त सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। एटीएस के आला अधिकारी पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
निष्कर्ष के तौर पर, एटीएस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को टाल दिया है। अब जांच का केंद्र यह है कि यह विस्फोटक किन हाथों में जाने वाला था और इसका असली गंतव्य क्या था।
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