राजस्थान

जोधपुर-बैंगलुरू बस में भीषण आग: जोधपुर: बैंगलुरू जा रही बस में लगी आग, 16 यात्री बाल-बाल बचे

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 20 मई 2026, 12:23 दोपहर
जोधपुर में पाली रोड पर चलती बस बनी आग का गोला, ड्राइवर की सूझबूझ से बची सबकी जान।

जोधपुर | जोधपुर से बैंगलुरू जा रही एक निजी ट्रेवल्स की बस मंगलवार रात भीषण आग की चपेट में आ गई। यह हादसा पाली रोड पर डी-मार्ट के पास हुआ। गनीमत यह रही कि बस के ड्राइवर ने समय रहते खतरे को भांप लिया। उसकी सूझबूझ से बस में सवार सभी 16 यात्रियों की जान बच गई। जैसे ही इंजन से लपटें उठीं, यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच ड्राइवर ने तुरंत बस रोककर सबको सुरक्षित बाहर निकाला।

देर रात धूं-धूं कर जल उठी बस

विवेक विहार थाना क्षेत्र में रात करीब 10:15 बजे एमआर ट्रेवल्स की एक बस झालामंड से आगे बढ़ रही थी। अचानक इंजन से चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बस का अगला हिस्सा पूरी तरह लपटों में घिर गया। यात्री दहशत में आ गए थे।

ड्राइवर ने बिना देरी किए बस को सड़क किनारे खड़ा किया। उसने मुख्य दरवाजे से सभी यात्रियों को नीचे उतरने के लिए निर्देशित किया। जब तक आग पूरी बस में फैलती, सभी सुरक्षित उतर चुके थे।

यात्रियों का सामान जलकर हुआ राख

सुरक्षित बाहर निकलने की जद्दोजहद में कुछ यात्री अपना सामान नहीं निकाल पाए। आग इतनी तेज थी कि बस का अधिकांश हिस्सा कुछ ही मिनटों में जल गया।

कुछ यात्रियों का कीमती सामान और बैग आग की भेंट चढ़ गए। हालांकि, जान का कोई नुकसान नहीं होना सबसे बड़ी राहत की बात रही। यात्रियों ने सड़क पर खड़े होकर अपनी आंखों के सामने बस को जलते देखा।

दमकल की तीन गाड़ियों ने पाया काबू

घटना की सूचना मिलते ही विवेक विहार थानाधिकारी दिलीप खदाव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया और स्थिति संभाली।

बासनी और शास्त्री नगर फायर स्टेशन से कुल तीन दमकलें मौके पर भेजी गईं। चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया ने स्वयं इस राहत अभियान की निगरानी की।

फायर ब्रिगेड की टीमों ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक बस का ढांचा मात्र शेष बचा था। चारों तरफ धुएं का गुबार फैल गया था।

शॉर्ट सर्किट या गर्मी? क्या रही वजह

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इंजन के पास वायरिंग में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। यह बस आधुनिक यूरो-6 मॉडल की बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, देश के अन्य हिस्सों में भी यूरो-6 श्रेणी की बसों में ऐसी आग लगने की घटनाएं पहले सामने आ चुकी हैं। एक्सपर्ट्स इस पहलू की जांच कर रहे हैं।

गर्मी और इंजन के पास होने वाली अत्यधिक हीटिंग भी आग का एक संभावित कारण हो सकती है। फायर एक्सपर्ट्स की टीम बुधवार को इसकी गहन जांच करेगी।

आधे घंटे तक बाधित रहा यातायात

आग बुझाने के दौरान पाली रोड पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया था। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बैरिकेडिंग कर दी थी।

आग पर काबू पाने के बाद क्रेन की मदद से जली हुई बस को बीच सड़क से हटाया गया। इसके बाद ही पुलिस ने धीरे-धीरे यातायात बहाल कराया।

अब जली हुई बस को विवेक विहार थाने में लाकर खड़ा किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

विवेक विहार थानाधिकारी ने बताया, "ड्राइवर की सजगता से बड़ा हादसा टल गया। सभी 16 यात्री सुरक्षित हैं और आग के कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है।"

इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की निजी बसों में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी उपकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ड्राइवर की बहादुरी ने कई परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)