राजनीति

गहलोत के पैर छूने पर विवाद: जोधपुर: गहलोत के पैर छूने पर पोलिंग टीम के खिलाफ शिकायत

Pradeep Beedawat · 11 सितम्बर 2026, 10:29 दोपहर
जोधपुर में मतदान के दौरान पोलिंग बूथ पर तैनात चुनाव दल द्वारा पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पैर छूने पर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है।

जोधपुर | जोधपुर में मतदान के दौरान एक पोलिंग बूथ पर तैनात चुनाव दल के सदस्यों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताया है।

पार्टी ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी (जोधपुर) और राज्य निर्वाचन आयोग को औपचारिक शिकायत भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज

भाजपा राजस्थान विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ सारस्वत ने यह शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र के अनुसार, यह घटना वार्ड संख्या 82 के एक मतदान केंद्र पर हुई।

आरोप है कि जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्र पहुंचे, तो वहां तैनात पोलिंग पार्टी के कर्मियों ने खड़े होकर उनके पैर छुए।

मीडिया में प्रसारित हुई घटना

शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम का प्रसारण विभिन्न मीडिया चैनलों पर भी हुआ है, जिससे यह मामला सार्वजनिक डोमेन में आ गया है।

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप

भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसी विशेष राजनीतिक दल के नेता को इस तरह 'अति अहमियत' देना चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पार्टी का मानना है कि मतदान केंद्र के भीतर पोलिंग स्टाफ का ऐसा आचरण सीधे तौर पर मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, जो कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

शिकायत में प्रमुख आरोप:

त्वरित कार्रवाई की मांग

शिकायत पत्र में जिला निर्वाचन अधिकारी, जोधपुर से आग्रह किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की जाए।

भाजपा ने मांग की है कि संबंधित पोलिंग टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए अविलंब निर्देश जारी किए जाएं। इस शिकायत पत्र की एक प्रतिलिपि राज्य निर्वाचन आयोग को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।

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