जोधपुर | केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर के विकास को लेकर दो बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि बहुप्रतीक्षित लिफ्ट कैनाल परियोजना का तीसरा चरण जल्द ही पूरा होगा, जिससे शहर की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा। इसके साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट का भी व्यापक विस्तार किया गया है।
लिफ्ट कैनाल परियोजना से बुझेगी प्यास
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस चरण का पानी जोधपुर तक पहुंचने लगेगा, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति और गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।
उन्होंने पिछली सरकार पर परियोजना को वर्षों तक लटकाए रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आवश्यक वन और रेलवे स्वीकृतियां तक नहीं ली गई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है।
पेयजल संकट से निपटने की तैयारी
शेखावत ने बताया कि गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए चार अतिरिक्त जलाशयों को भी स्वीकृति दी गई थी। इनमें से फलसूंड जलाशय में पानी भरने का काम शुरू हो गया है और बाकी जलाशयों में भी जल्द ही पानी भरा जाएगा। एक जलाशय से संबंधित विवाद को भी सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
जोधपुर एयरपोर्ट: पश्चिमी राजस्थान के विकास का नया द्वार
जोधपुर एयरपोर्ट के विस्तार को पश्चिमी राजस्थान के विकास की आधारशिला बताते हुए शेखावत ने कहा कि इसका कायाकल्प कर दिया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 तक यहां केवल दो बड़े विमान ही एक साथ खड़े हो सकते थे।
यह केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के विकास की बड़ी आधारशिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विस्तार के बाद अब एयरपोर्ट पर एक साथ 12 विमान खड़े किए जा सकते हैं। यात्री संभालने की क्षमता में भी लगभग दस गुना की वृद्धि हुई है।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास
इस विस्तार कार्य में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। एयरपोर्ट को अगले 35 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जिससे खराब मौसम या रात में भी विमान आसानी से उतर सकेंगे।
यमुना जल समझौते से शेखावाटी को भी लाभ
केंद्रीय मंत्री ने यमुना जल समझौते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा सरकार बनने के 15 दिनों के भीतर ही हरियाणा और राजस्थान के बीच सहमति बन गई। इस समझौते के लागू होने पर शेखावाटी सहित हरियाणा से सटे जल संकट वाले क्षेत्रों को स्थायी राहत मिलेगी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल जोधपुर के निवासियों का जीवन सुगम होगा, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
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