जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर जिले में भीषण गर्मी का सितम जारी है। मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के नेत्र विभाग में इन दिनों आंखों की एलर्जी से ग्रसित मरीजों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। भीषण गर्मी और तपिश के कारण आमजन की आंखों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टर गर्मी और बढ़ते स्क्रीन टाइम को इसका मुख्य कारण मान रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त प्रबंध किए हैं।
भीषण गर्मी और बढ़ती ओपीडी: 300 के पार पहुंचे मरीज
अस्पताल के नेत्र विभाग में ओपीडी का आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया है। परिसर में मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने और आंखों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है।
गर्मी के मौसम में चलने वाली लू और धूल भरी हवाएं आंखों में संक्रमण और एलर्जी पैदा कर रही हैं। इससे आंखों में खुजली, पानी आने और जलन की समस्या काफी बढ़ गई है।
मथुरादास माथुर अस्पताल की डॉक्टर सिमरन ने बताया कि तापमान बढ़ने से आंखों की कोमल झिल्ली प्रभावित हो रही है। इसके चलते मरीजों को इस मौसम में उचित देखभाल की सख्त जरूरत है।
डॉक्टर की सलाह: ठंडे पानी और बर्फ से करें सिकाई
डॉक्टर सिमरन के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए दिन में कई बार आंखों को ठंडे पानी के छींटों से धोना चाहिए। यह आंखों को ठंडक प्रदान करता है और धूल के कणों को साफ करता है।
सिकाई के लिए एक साफ कपड़े में बर्फ के छोटे टुकड़े लें। इसे आंखों पर करीब दस सेकंड तक रखें और फिर दस सेकंड का अंतराल दें। दिन में ऐसा तीन से चार बार करने से राहत मिलती है।
"पारा 45 डिग्री के करीब पहुंच चुका है, जिससे एलर्जी बढ़ रही है। बचाव के लिए दिन में तीन-चार बार बर्फ से सिकाई करें और स्क्रीन टाइम कम करें।" - डॉक्टर सिमरन
बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम और बचाव के उपाय
गर्मी के कारण बच्चे घरों में कैद हैं और मोबाइल का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं। स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चों की आंखों में सूखापन, लाली और थकान की समस्या बढ़ रही है।
डॉक्टर ने सुझाव दिया कि अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन समय पर कड़ा नियंत्रण रखना चाहिए। शाम के समय जब तापमान कम हो, तब बच्चों को बाहर शारीरिक गतिविधियों और खेलों के लिए प्रोत्साहित करें।
यदि आंखों में चिपचिपापन, अत्यधिक लाली या सूजन महसूस हो, तो घरेलू उपचार के बजाय तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। लापरवाही दृष्टि को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
जोधपुर में बढ़ते तापमान और स्वास्थ्य चुनौतियों ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। आंखों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और समय पर उपचार ही इस भीषण गर्मी में बचाव का एकमात्र प्रभावी रास्ता है।
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