जोधपुर | जोधपुर की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ना भारी पड़ सकता है। जोधपुर ट्रैफिक पुलिस ने डिजिटल क्रांति अपनाते हुए मोबाइल ई-चालान प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया है। अब नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान सीधे उनके मोबाइल फोन पर भेजा जा रहा है।
आधुनिक मशीनों से बदल गई ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अब अत्याधुनिक कैमरा युक्त मशीनें दी गई हैं। ये मशीनें पलक झपकते ही तेज रफ्तार वाहनों और बिना हेलमेट वाले चालकों को कैद कर लेती हैं।
इसके बाद सिस्टम खुद-ब-खुद चालान जनरेट कर देता है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है।
पेपरलेस हुआ पूरा सिस्टम
ट्रैफिक पुलिसकर्मी किशनाराम ने बताया कि इस नई तकनीक ने उनके काम को बहुत आसान और पारदर्शी बना दिया है। पहले गाड़ियों को रोकने में काफी समय बर्बाद होता था।
लेकिन अब सारा काम ऑटोमैटिक और पेपरलेस हो चुका है, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति भी नहीं बनती है।
"पहले चालान बनाने के लिए वाहन चालकों को रोकना पड़ता था, लेकिन अब तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों का चालान ऑटोमैटिक ही दर्ज हो जाता है। इससे कार्रवाई ज्यादा प्रभावी हुई है।"
कमिश्नर के निर्देशन में सख्ती
जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरत कविराज के निर्देशन में यह पूरी मुहिम चल रही है। डीसीपी ट्रैफिक शाहीन सी और एडीसीपी शालिनी राज इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
रोजाना शहर में लगभग 100 से अधिक चालान इसी डिजिटल माध्यम से किए जा रहे हैं। पुलिस का लक्ष्य तकनीक के जरिए व्यवस्था सुधारना है।
सड़क दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम
भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं। जोधपुर पुलिस का यह कदम न केवल नियमों का पालन करवाने के लिए है, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए भी है।
जागरूकता बढ़ने से हादसों में कमी आने की उम्मीद है। इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों में भी अब डर और जागरूकता दोनों बढ़ी है।
उम्मीद है कि जोधपुर की सड़कें आने वाले समय में अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित होंगी। प्रशासन की यह पहल सराहनीय है।
*Edit with Google AI Studio