राजनीति

जोगाराम पटेल की विधायकों संग बैठक: जयपुर में मंत्री जोगाराम पटेल ने विधायकों के साथ की समन्वय बैठक, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के समाधान पर हुई चर्चा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 08 अप्रैल 2026, 11:56 दोपहर
राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जयपुर में विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य क्षेत्रीय समस्याओं का जल्द समाधान और विकास कार्यों में तेजी लाना है।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद अब धरातल पर काम तेज हो गया है। संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने राजकीय आवास पर विधायकों के साथ एक खास समन्वय बैठक बुलाई। इस बैठक का मिजाज काफी सकारात्मक और चर्चाओं से भरा रहा।

जनता की समस्याओं का होगा तुरंत समाधान

मंत्री पटेल ने साफ कहा कि राज्य सरकार आमजन की तकलीफों को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधायकों से उनके क्षेत्र की समस्याओं की लिस्ट मांगी। उन्होंने अधिकारियों को भी दो-टूक निर्देश दिए कि वे केवल कागजों पर काम न करें। बल्कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार कर एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। पटेल ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा और जनता को राहत मिलेगी।

विधायकों ने रखे अपने सुझाव

इस बैठक में प्रियंका चौधरी, ऋतु बनावत और जीवाराम चौधरी जैसे प्रमुख विधायक शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की मूलभूत जरूरतों को प्रमुखता से रखा। चंद्रभान आक्या और गणेशराज बंसल ने भी विकास कार्यों में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के सुझाव दिए। चर्चा का केंद्र सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन रहा। जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। ताकि प्रशासन की पहुंच सीधे आम आदमी तक हो सके और उनकी समस्याओं का मौके पर निस्तारण हो।

विकास को मिलेगी नई गति

जोगाराम पटेल ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह के संवाद से समावेशी नीतियों का निर्माण होगा। इससे प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होगी। उन्होंने कहा कि विधायकों से निरंतर संवाद के माध्यम से विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य हर क्षेत्र का समान रूप से विकास करना है। अंत में, उन्होंने कहा कि इस तरह की समन्वय बैठकें भविष्य में भी आयोजित की जाएंगी। ताकि प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर त्वरित अमल किया जा सके।

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