राजस्थान

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सियासी घमासान: एसआईआर पर मंत्री जोराराम कुमावत का कांग्रेस पर कड़ा पलटवार

गणपत सिंह मांडोली · 30 अक्टूबर 2026, 07:32 शाम
राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सुमेरपुर में प्रेस वार्ता कर एसआईआर पर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

नरेश मालवीय

सुमेरपुर-पाली | राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर कड़ा निशाना साधा है।

उन्होंने शुक्रवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि विपक्ष मतदाता सूची शुद्धिकरण पर देश में भ्रम का माहौल बना रहा है।

एसआईआर का मुख्य उद्देश्य और कानूनी प्रक्रिया

मंत्री कुमावत ने कहा कि एसआईआर का प्रमुख ध्येय मतदाता सूचियों में पूर्ण शुद्धता लाना है। इसके तहत मृत, दोहरी प्रविष्टियों और स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान की जाती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मनमाने ढंग से नहीं हटाया जाएगा। इसके लिए दावा-आपत्ति और अपील के पूरे कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।

युवा मतदाताओं का पंजीकरण और आंकड़े

मंत्री ने बताया कि 24 जून 2025 से अब तक लगभग 2.37 करोड़ नए युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा चुके हैं।

वर्तमान में सूची में लगभग 17.38 करोड़ युवा मतदाता शामिल हैं। युवाओं को जोड़ने के लिए वर्ष में चार बार पात्रता तिथियां (1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर) निर्धारित की गई हैं।

बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की सहभागिता

मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें बूथ स्तर पर सभी दलों की सीधी भागीदारी रहती है:

कांग्रेस के इतिहास और आपातकाल पर उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री ने 25 जून 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय नागरिक स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और राजनीतिक गतिविधियों पर व्यापक पाबंदियां लगाई गई थीं।

उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या वह चाहती है कि मृत और दोहरी प्रविष्टियों वाले नाम मतदाता सूची में बने रहें? उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर संस्थाओं पर सवाल उठाना गलत है।

राष्ट्रीय उपलब्धियों और सामरिक शक्ति का उल्लेख

मंत्री कुमावत ने स्वदेशी युद्धपोत, विमान निर्माण, चंद्रयान, मंगलयान, सूर्य मिशन, गगनयान और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए देश की बढ़ती सामरिक और तकनीकी ताकत की सराहना की।

इस अवसर पर चत्रभुज शर्मा, मनोज नामा, रविकांत रावल, पूनम सिंह परमार और लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

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