जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद राजस्थान राज्य बीज निगम ने अपने अशासकीय निदेशक जुगल किशोर को निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) के सदस्य पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा करोड़ों रुपये के कथित रिश्वत प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी के बाद की गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कृषि विभाग से जुड़े लगभग 2.43 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले में एसीबी ने जुगल किशोर को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले के सामने आने के बाद सरकार और निगम प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
चार महीने पहले ही बने थे निदेशक
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जुगल किशोर पुत्र सतपाल का मनोनयन 10 फरवरी 2026 को राजस्थान राज्य बीज निगम की 47वीं वार्षिक साधारण सभा (AGM) में निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में किया गया था। किसानों के हितों और बीज विकास से जुड़ी नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस पद पर नियुक्ति के महज चार महीने बाद ही उनका नाम कथित भ्रष्टाचार प्रकरण में सामने आ गया।
निगम की साख और पारदर्शिता बनाए रखने का फैसला
जुगल किशोर की गिरफ्तारी के बाद राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग (DIPR) की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि निगम हितों को सर्वोपरि रखते हुए यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।
प्रेस नोट के अनुसार, "राजस्थान राज्य बीज निगम ने निगम की साख, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता तथा आम जनता के विश्वास को बनाए रखने के उद्देश्य से अशासकीय निदेशक जुगल किशोर पुत्र सतपाल को निदेशक मंडल के सदस्य पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।"