नई दिल्ली | जून 2026 का महीना हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने में अधिकमास की समाप्ति हो रही है, जिसके साथ ही निर्जला एकादशी और वट पूर्णिमा जैसे कई बड़े व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा, ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह महीना हलचल भरा रहेगा क्योंकि कई प्रमुख ग्रह अपनी राशि बदलेंगे।
जून 2026 के प्रमुख व्रत और त्योहार
जून का महीना विभुवन संकष्टी चतुर्थी के साथ शुरू होगा और ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण तिथियां आएंगी जो भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती हैं।
महीने की शुरुआत और मध्य
3 जून 2026 (बुधवार): इस दिन विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा, जो भगवान गणेश को समर्पित है।
8 जून 2026 (सोमवार): इस तिथि पर अधिक कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
11 जून 2026 (गुरुवार): अधिकमास की परम एकादशी का व्रत इस दिन किया जाएगा, जो भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए उत्तम माना जाता है।
12 जून 2026 (शुक्रवार): शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित है।
13 जून 2026 (शनिवार): इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत होगा।
15 जून 2026 (सोमवार): इस दिन अधिक दर्श अमावस्या है, जिसे सोमवती अमावस्या भी कहा जा रहा है। इसी दिन मिथुन संक्रांति और अधिकमास की समाप्ति भी होगी।
महीने का उत्तरार्ध
18 जून 2026 (गुरुवार): इस दिन प्रद्युम्न चतुर्थी मनाई जाएगी।
19 जून 2026 (शुक्रवार): स्कन्द षष्ठी का पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।
22 जून 2026 (सोमवार): इस दिन धूमावती जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का संयोग है।
25 जून 2026 (गुरुवार): यह दिन बेहद खास है क्योंकि इस दिन साल की सबसे महत्वपूर्ण निर्जला एकादशी और गायत्री जयंती मनाई जाएगी।
27 जून 2026 (शनिवार): शनि प्रदोष व्रत शनि देव और भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रखा जाएगा।
29 जून 2026 (सोमवार): महीने का समापन वट पूर्णिमा व्रत और ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ होगा।
जून 2026 में ग्रहों का गोचर
व्रत-त्योहारों के अलावा, जून 2026 ज्योतिषीय घटनाओं से भी भरा है। कई बड़े ग्रह अपनी चाल बदलेंगे, जिसका असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा।
ज्योतिषियों के अनुसार, 'अधिकमास और प्रमुख ग्रहों के गोचर का संयोग इस महीने को आध्यात्मिक साधना और ज्योतिषीय उपायों के लिए बहुत महत्वपूर्ण बनाता है।'
2 जून: देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करेंगे।
8 जून: शुक्र भी कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
15 जून: ग्रहों के राजा सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे।
21 जून: मंगल का वृषभ राशि में गोचर होगा।
22 जून: बुध कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
29 जून: महीने के अंत में बुध वक्री हो जाएंगे, जिसका प्रभाव संचार और व्यापार पर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, जून 2026 का महीना धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और ज्योतिषीय परिवर्तनों का एक अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है। भक्तों को इन तिथियों का ध्यान रखकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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