बीकानेर |राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राज्य के मान्यता प्राप्त वेद विद्यालयों में ज्योतिष विषय के अध्यापकों की नियुक्ति की जा रही है। इस योजना से वेद विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पारंपरिक वैदिक शिक्षा के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्र का व्यवस्थित एवं गहन अध्ययन करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
ज्योतिष शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
श्री करपात्री स्वामी धर्म संघ संस्कृत महाविद्यालय के संचालक दंडी स्वामी श्रीधरानंद सरस्वती ने राज्य सरकार के इस कदम को एक श्रेष्ठ पहल बताया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य संस्कृत, वेद एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों के अध्ययन को और अधिक सुदृढ़ और लोकप्रिय बनाना है।
संस्थान ने जताया अकादमी का आभार
स्वामी श्रीधरानंद सरस्वती ने बताया कि इसी योजना के तहत बीकानेर के देवी कुंड सागर स्थित श्री करपात्री स्वामी निरंजन देव तीर्थ कीर्ति संस्थान प्रन्यास (राम लक्ष्मण भजनाश्रम) द्वारा संचालित श्री करपात्री स्वामी धर्म संघ संस्कृत महाविद्यालय (वेद विद्यालय) में ज्योतिष अध्यापक की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस नियुक्ति से विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ मिलेगा। संस्थान के अध्यक्ष स्वामी श्री सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज एवं सचिव स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती जी महाराज ने ज्योतिष अध्यापक की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस पहल के लिए राजस्थान संस्कृत अकादमी के प्रति अपना आभार प्रकट किया।
'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत होंगे कार्यक्रम
विद्यालय के व्यवस्थापक पंडित शंकर दयाल शर्मा ने जानकारी दी कि विद्यालय में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत 9 से 17 अगस्त तक विभिन्न राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सप्ताह भर चलने वाले इन आयोजनों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे उनमें राष्ट्रप्रेम की भावना और प्रबल हो।
विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन
वेदाचार्य विशाल शास्त्री के अनुसार, इन कार्यक्रमों की श्रृंखला में राष्ट्र कल्याण, सुख-समृद्धि एवं विश्व शांति की कामना के लिए विशेष हवन एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ पर आधारित वेद पाठ प्रतियोगिता, शास्त्र एवं सामान्य ज्ञान पर केंद्रित संस्कृत प्रश्नोत्तरी, देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, और भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रप्रेम की थीम पर रंगोली प्रतियोगिता जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
संस्कृत संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
यह योजना राजस्थान संस्कृत अकादमी के प्रशासक वी. सरवन कुमार एवं निदेशक डॉ. लता श्रीमाली के कुशल मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।
इसका उद्देश्य राज्यभर में संस्कृत एवं वैदिक ज्ञान-विज्ञान का संवर्धन करना है। विद्यालय प्रबंधन एवं अध्यापकों की सक्रिय सहभागिता से इन सभी कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
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