कपिल सिब्बल ने की ₹1 करोड़ की मदद की घोषणा
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बनाए गए फंड में एक करोड़ रुपए का योगदान देने की घोषणा की है। यह फंड विशेष रूप से उन छात्रों की कानूनी मदद के लिए स्थापित किया गया है जो आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।
सिब्बल ने कहा, "मेरी ओर से मैंने एक करोड़ रुपए का योगदान दिया है।"
देशभर के वकीलों से अपील
उन्होंने इस पहल का समर्थन करने के लिए देशभर के वकीलों से भी अपील की। सिब्बल ने कहा, "मैं देशभर के वकीलों से भी अपील करता हूं कि वे इस फंड में सहयोग करें, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। हमारे वकील कानून के कथित दुरुपयोग से प्रभावित लोगों के साथ खड़े हैं।"
छात्रों की मदद के लिए CJP की पहल
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के आश्वासनों के बावजूद, देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की आशंका बनी हुई है।
दास ने कहा कि CJP दर्ज मामलों में छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। कपिल सिब्बल भी इस मौके पर उनके साथ मौजूद थे।
एक ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जो भारत में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों, जैसे बिहार, असम, पश्चिम बंगाल या महाराष्ट्र में, दर्ज मामलों पर नजर रखेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जहां भी छात्रों या प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है, वहां हमारे वकील उन्हें कानूनी सहायता प्रदान कर सकें।
बनेगी खास वेबसाइट
कपिल सिब्बल ने यह भी बताया कि CJP एक विशेष वेबसाइट बनाएगी। इस वेबसाइट पर उन सभी छात्रों का विवरण होगा जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म उन वकीलों को भी जुड़ने का अवसर देगा जो मुफ्त में या किसी अन्य तरीके से इन छात्रों की मदद करना चाहते हैं।
CJP ने दी आंदोलन की चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को सरकार को एक कड़ी चेतावनी भी दी। पार्टी ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई नहीं रुकती है और गिरफ्तार किए गए छात्रों को राहत नहीं मिलती है, तो वह फिर से आंदोलन शुरू करने पर मजबूर होगी।
पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर झूठे मुकदमों में फंसाया गया है।"
बिहार सरकार का ऐलान
इस बीच, बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरकार ने ऐलान किया है कि 26 जुलाई को शाम 6:00 बजे से पहले राज्य में कहीं भी हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
*Edit with Google AI Studio