राजस्थान

CM हाउस घेरेंगे: मकराना की चेतावनी: पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करो, वरना CM हाउस घेरेंगे: मकराना

desk · 03 अगस्त 2026, 07:47 शाम
जयपुर में करणी सेना की पदयात्रा में बवाल हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने पर CM आवास घेरने की चेतावनी दी।

जयपुर |

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइंस और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में माहौल गरमा गया है। श्री राजपूत करणी सेना के बैनर तले निकली 'सवर्ण न्याय पदयात्रा' के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे महिपाल सिंह मकराना ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी दी है।

महिपाल सिंह मकराना की सरकार को सीधी चेतावनी

श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया है।

मकराना ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी और धक्का-मुक्की करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यदि दोषी पुलिस अधिकारियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो करणी सेना के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और आंदोलन को पूरे देश में फैलाएंगे।'

बैरिकेडिंग तोड़ी, वॉटर कैनन का सामना किया

यह यात्रा देशनोक (बीकानेर) से शुरू हुई थी। 24 दिनों में करीब 600 किलोमीटर की कठिन नंगे पांव पदयात्रा पूरी कर सोमवार को यह जयपुर पहुंची।

जब यात्रा झोटवाड़ा पुलिया पार कर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी, तो पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की। कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा को 200 फीट बाइपास पर ही रोक दिया गया था।

हालांकि, कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। इस दौरान पुलिस ने वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया, लेकिन कार्यकर्ता भगवा झंडे लहराते और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आगे बढ़ते रहे। इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

UGC के नियम 'काला कानून': महिपाल मकराना

महिपाल सिंह मकराना ने UGC के नए प्रस्तावित नियमों को सवर्ण समाज के छात्रों के भविष्य के खिलाफ 'काला कानून' करार दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रावधानों से युवाओं को स्कूली शिक्षा के समय से ही अपराधी की श्रेणी में खड़ा करने जैसी स्थिति पैदा की जा रही है।

मकराना ने कहा, 'हम शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा जयपुर जिला कलेक्ट्रेट तक निकालना चाहते थे, ताकि राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जा सके। लेकिन प्रशासन टकराव की स्थिति पैदा कर रहा है।'

सवर्ण समाज की आवाज दबाने का आरोप

नागौर (मकराना) के रहने वाले महिपाल सिंह ने राज्य सरकार पर सवर्ण समाज की मांगों की उपेक्षा करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से समाज एक बच्चे से जुड़े मामले को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य किसी से टकराव करना नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। लेकिन यदि हमारी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन चुप नहीं बैठेगा।'

कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

तमाम बाधाओं के बावजूद करणी सेना के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में UGC के प्रस्तावित नए नियमों को तुरंत वापस लेने और सवर्ण समाज के हितों की रक्षा करने संबंधी मांगें शामिल हैं। इस घटना के बाद जयपुर में कलेक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)