नई दिल्ली | मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड एक महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच सकती हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम: क्या 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचेगा Crude Oil?
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लगातार तीसरे दिन बढ़ीं Crude Oil की कीमतें
बुधवार, 15 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.46 डॉलर (1.72%) की बढ़त के साथ 86.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड 1.11 डॉलर (1.40%) चढ़कर 80.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी दुनिया की नजर
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दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि इस मार्ग पर किसी भी प्रकार का व्यवधान आता है, तो वैश्विक सप्लाई प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर
देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। हालांकि, 25 मई के बाद से ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट (15 जुलाई)
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| चेन्नई | 107.76 | 99.55 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| बेंगलुरु | 111.68 | 99.56 |
| भुवनेश्वर | 108.97 | 100.68 |
| चंडीगढ़ | 101.54 | 89.47 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| जयपुर | 113.19 | 98.25 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | 115.49 | 104.40 |
क्या 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है कच्चा तेल?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तथा खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे या तेल आपूर्ति पर असर पड़ता है, तो कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वॉटरर के अनुसार, यदि खाड़ी देशों के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचता है या तेल आपूर्ति बाधित होती है, तो ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच सकती है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने पर पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन और परिवहन लागत बढ़ सकती है। इसका असर महंगाई, लॉजिस्टिक्स खर्च और आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है। फिलहाल घरेलू ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन यदि वैश्विक बाजार में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले समय में इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।