राजस्थान

भरतपुर में 43वीं सारस गणना का आगाज: केवलादेव नेशनल पार्क में 43वीं सारस गणना: गृह राज्यमंत्री ने जताई साइबेरियन सारस की कमी पर चिंता, पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 22 अप्रैल 2026, 09:13 सुबह
भरतपुर के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में 43वीं सारस गणना का आयोजन किया गया। गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इसमें शिरकत कर पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास की नई योजनाओं पर चर्चा की।

भरतपुर | राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म हाल ही में भरतपुर के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित 43वीं सारस गणना कार्यक्रम में भाग लिया।

यह कार्यक्रम केवलादेव नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी द्वारा आयोजित किया गया था। मंत्री जी ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया।

राष्ट्रीय धरोहर का संरक्षण

मंत्री ने कहा कि पिछले 43 वर्षों से सारस गणना का यह कार्य सतत रूप से जारी है। यह कार्यक्रम केवल एक गणना नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण का प्रतीक है।

उन्होंने सोसायटी के अध्यक्ष एड. कृष्ण कुमार अरोड़ा को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों को सहेजना हमारी संस्कृति, परंपरा और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इससे न केवल प्रकृति का संरक्षण होता है, बल्कि मानव जीवन का संतुलन भी बना रहता है। केवलादेव उद्यान यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल होकर हमारा मान बढ़ा रहा है।

पर्यावरणीय चुनौतियां और चिंता

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने साइबेरियन सारस की संख्या में आ रही कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर वैश्विक विषय है।

इसका मुख्य कारण ग्लोबल वार्मिंग, कम वर्षा और जल की कमी है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रहे।

पर्यटन से रोजगार के अवसर

राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन विकास के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। भरतपुर में देशी-विदेशी पर्यटकों का आना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान है।

पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को गाइड, होटल और टैक्सी जैसी सेवाओं के माध्यम से रोजगार प्राप्त होता है। सरकार इन सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है।

विकास की नई परियोजनाएं

वैर के सफेद महल एवं फुलवाडी के सौंदर्यकरण और जीर्णोद्धार के कार्य वर्तमान में प्रगति पर हैं। बंध बारैठा में बायोलॉजिकल पार्क और नगर वन विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भरतपुर के समग्र विकास हेतु अनेक बड़ी परियोजनाएं संचालित हैं। एक महत्वपूर्ण जल परियोजना के जरिए पूर्वी राजस्थान के 17 जिलों को जोड़ा गया है।

इस परियोजना से सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जल संकट को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।

साहित्यिक विमोचन और डेटा

इस अवसर पर मंत्री ने डॉ. एमएम त्रिगुणायत एवं डॉ. कृतिका त्रिगुणायत की पुस्तक “पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण जैविकी” का विमोचन भी किया। यह पुस्तक पर्यावरण शिक्षा में उपयोगी होगी।

कार्यक्रम के बाद मंत्री ने सारस के नवजात चूजों को देखा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इन नन्हे पक्षियों की उचित देखभाल के लिए कड़े निर्देश जारी किए।

डीएफओ चेतन कुमार बीवी ने बताया कि गणना रिपोर्ट के अनुसार सारस की संख्या 79 से बढ़कर 81 हो गई है। यह वृद्धि पक्षी प्रेमियों के लिए सुखद संकेत है।

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