जयपुर | राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने राज्य में सियासी बवाल मचा दिया है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस भाषा का प्रयोग किया, उसे लेकर भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसकी कड़ी निंदा की है।
खड़गे का विवादित बयान और सफाई
विवाद की शुरुआत चेन्नई में खड़गे के एक बयान से हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए 'आतंकवादी' जैसे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने तंज कसते हुए विपक्षी एकता पर सवाल उठाए थे।
विवाद गहराते देख खड़गे ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके कहने का तात्पर्य 'टैक्स टेररिज्म' और विरोधियों को डराने-धमकाने से था।
हालांकि, भाजपा खड़गे की इस सफाई को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। राजस्थान के दिग्गज नेताओं ने इसे लोकतंत्र की गरिमा और मर्यादा के खिलाफ बताया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का प्रहार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की निराशा और हताशा का चरम स्तर है।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि अभद्र भाषा का उपयोग करना कांग्रेस की पुरानी पहचान बन चुकी है। यह 140 करोड़ भारतीयों के जनादेश का अपमान है।
उन्होंने खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। शर्मा के अनुसार, मुद्दों पर बहस करने के बजाय स्तरहीन बयानबाजी करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
वसुंधरा राजे ने जताया कड़ा विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे राजनीतिक संस्कारों का पतन बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे गरिमामय पद के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग कतई स्वीकार्य नहीं है।
राजे के अनुसार, कांग्रेस अब वैचारिक लड़ाई हार चुकी है। इसलिए वह व्यक्तिगत कीचड़ उछालने और अपमानजनक भाषा का सहारा ले रही है।
उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता ऐसे अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी। खड़गे को अपने शब्दों के लिए पूरे देश से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
राजनीतिक भविष्य पर असर
राजस्थान में यह मुद्दा अब गरमाता जा रहा है। भाजपा इस बयान को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है ताकि कांग्रेस को घेरा जा सके।
आगामी दिनों में इस विवाद के चलते सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार और बढ़ने की संभावना है। जनता भी इस बयानबाजी को बारीकी से देख रही है।