राजस्थान

खाटूश्यामजी में भक्तों-पुलिस में मारपीट: खाटूश्यामजी में श्रद्धा और कानून की टक्कर: प्रतिबंधित रास्ते पर जाने को लेकर भक्तों और पुलिस में चले लात-घूंसे, वीडियो वायरल

प्रदीप बीदावत · 22 अप्रैल 2026, 01:02 दोपहर
सीकर के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में प्रतिबंधित रास्ते से प्रवेश को लेकर श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई। पुलिस ने दो लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।

खाटूश्यामजी | राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा खाटूश्यामजी का धाम लाखों भक्तों की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा के दरबार में शीश नवाने के लिए पहुंचते हैं।

लेकिन सोमवार, 20 अप्रैल को खाटूश्यामजी की पावन धरा पर एक ऐसी घटना घटी जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और भक्तों के धैर्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

खाटूश्यामजी में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और बाहर से आए श्रद्धालुओं के बीच जमकर मारपीट और गाली-गलौज की घटना सामने आई है।

विवाद की मुख्य वजह क्या रही?

जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद मंदिर क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और प्रतिबंधित रास्तों से प्रवेश को लेकर शुरू हुआ था।

खाटूश्यामजी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कुछ रास्तों को प्रतिबंधित किया हुआ है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।

सोमवार को ट्रैफिक पुलिसकर्मी अशोक कुमार अपनी ड्यूटी कर रहे थे और श्रद्धालुओं को सही रास्ते से जाने के निर्देश दे रहे थे।

इसी दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने प्रतिबंधित रास्ते से अंदर जाने की जिद की, जिसे पुलिसकर्मी ने नियमों का हवाला देते हुए मना कर दिया।

मना करने पर श्रद्धालु आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मी के साथ बहस करने लगे, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्थिति की गंभीरता साफ देखी जा सकती है।

वीडियो में एक महिला श्रद्धालु पुलिसकर्मी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करती और गाली-गलौज करती हुई नजर आ रही है।

इतना ही नहीं, वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि महिला और उसके साथ आए अन्य लोग पुलिसकर्मी पर हाथ उठा रहे हैं।

वहां मौजूद अन्य भक्तों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद यह क्लिप इंटरनेट पर फैल गई।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई और गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात अन्य पुलिसकर्मी और होमगार्ड के जवान तुरंत वहां पहुंचे और स्थिति को संभाला।

एचएम राहुल कुमार ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात अशोक कुमार के साथ श्रद्धालुओं ने न केवल बदतमीजी की बल्कि उनके साथ मारपीट भी की।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया और उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की।

पकड़े गए दोनों श्रद्धालुओं के खिलाफ शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है।

श्रद्धालुओं के आरोप और पुलिस का पक्ष

दूसरी ओर, मारपीट में शामिल महिला श्रद्धालु ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

महिला का दावा है कि पुलिसकर्मी ने सबसे पहले उन पर और उनके साथियों पर हाथ उठाया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

महिला के अनुसार, वे केवल रास्ता पूछ रहे थे, लेकिन पुलिसकर्मी ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसके बचाव में उन्होंने प्रतिक्रिया दी।

पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात जवान केवल नियमों का पालन करवा रहा था।

भीड़ प्रबंधन और प्रशासन की चुनौतियां

खाटूश्यामजी जैसे बड़े धार्मिक स्थलों पर भीड़ का प्रबंधन करना पुलिस के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।

विशेषकर मेलों और विशेष तिथियों पर लाखों की भीड़ को संभालना और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक कठिन कार्य होता है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग और वन-वे रास्तों की व्यवस्था की है ताकि दर्शन सुचारू रूप से हो सकें।

अक्सर देखा जाता है कि कुछ श्रद्धालु जल्दी दर्शन करने के चक्कर में इन नियमों को तोड़ते हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनती है।

श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील

इस घटना के बाद खाटूश्यामजी पुलिस और मंदिर प्रशासन ने आने वाले सभी भक्तों से धैर्य और संयम बरतने की अपील की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भक्त श्रद्धा के साथ आएं, लेकिन कानून और व्यवस्था का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है।

ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ सहयोग करने से न केवल दर्शन आसान होते हैं, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति पुलिस के साथ अभद्रता करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भक्तों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदम

खाटूश्यामजी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

साथ ही, पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे श्रद्धालुओं के साथ विनम्रता से पेश आएं, लेकिन नियमों में ढील न दें।

इस मारपीट की घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि धार्मिक स्थलों पर अनुशासन और कानून का पालन अनिवार्य है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने लोगों के बीच बहस छेड़ दी है कि आखिर गलती किसकी थी।

कुछ लोग पुलिस के सख्त रवैये की आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ श्रद्धालुओं के हिंसक व्यवहार को गलत ठहरा रहे हैं।

फिलहाल, खाटूश्यामजी में स्थिति सामान्य है और दर्शन की प्रक्रिया पूर्ववत जारी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

आने वाले दिनों में प्रशासन यहां और अधिक होमगार्ड तैनात करने की योजना बना रहा है ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

निष्कर्ष

खाटूश्यामजी की यह घटना एक सबक है कि आस्था और अनुशासन के बीच संतुलन होना बहुत आवश्यक है।

भक्तों को यह समझना चाहिए कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए ही वहां तैनात है और नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेदारी है।

वहीं, प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और भक्त बाबा के दर्शन शांतिपूर्ण तरीके से कर सकेंगे।

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