दौसा | राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा जिले के मानपुरिया गांव में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।
मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस उनकी बातों पर ध्यान देती, तो आज पार्टी की यह दुर्दशा नहीं होती। उन्होंने भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पुराने जख्मों को किया ताजा
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने वीरांगनाओं के आंदोलन का जिक्र करते हुए भावुक बयान दिया। उन्होंने बताया कि उस समय पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की थी।
मीणा ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनके कपड़े फाड़कर उन्हें सरेआम बेइज्जत किया गया था। यह अपमान केवल उनका नहीं, बल्कि संघर्ष करने वाले हर व्यक्ति का था।
उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि वे केवल जनता के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की।
भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई
मंत्री ने जल जीवन मिशन (JJM) में हुए कथित घोटाले को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रमाणों के साथ शिकायत की थी।
मीणा के अनुसार, वे भ्रष्टाचार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठे थे। लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर चाकसू भेज दिया गया था।
उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी दी थी कि भ्रष्टाचार का अंत बुरा होगा। आज वही अपराधी और घोटालेबाज जेल की सलाखों के पीछे दिन काट रहे हैं।
पेपर लीक पर बड़ा प्रहार
भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया। उन्होंने 18 में से 17 परीक्षाओं के पेपर लीक होने का दावा किया।
मीणा ने बताया कि उन्होंने अशोक गहलोत को सभी सबूत सौंपे थे। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जांच करने के बजाय उन पर ही आरोप लगा दिए थे।
“अगर उस समय मेरी बात मान ली जाती, तो आज कांग्रेस की यह हालत नहीं होती। हमने हर घोटाले का पर्दाफाश प्रमाणों के साथ किया था।”
एसआई भर्ती परीक्षा पर रुख
एसआई भर्ती परीक्षा को दोबारा कराने की मांग पर मंत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के साथ न्याय होना चाहिए।
मीणा ने तर्क दिया कि जो अभ्यर्थी पिछले डेढ़ साल से संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें ही मौका मिलना चाहिए। नए अभ्यर्थियों को इसमें शामिल करना गलत होगा।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में अब तक 67 एसआई जेल भेजे जा चुके हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्य भी गिरफ्त में हैं।
ग्रामीणों की सुनी समस्याएं
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मानपुरिया गांव में रात्रि चौपाल का आयोजन किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को बहुत ध्यान से सुना।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। ग्रामीणों ने पेयजल और बिजली की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया।
मंत्री ने गांव में 'ग्राम रथ' के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रचार भी किया। उन्होंने लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने की अपील की।
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी
कृषि मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जयपुर में एक बड़ा कृषि सम्मेलन होने जा रहा है।
23 से 25 मई तक आयोजित होने वाली 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' में आधुनिक तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ और निवेशक शामिल होंगे।
मंत्री ने कहा कि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देकर किसानों को संपन्न बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य खेती को लाभ का सौदा बनाना है।
गहलोत के आरोपों का जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लगाए गए आरोपों पर मीणा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई द्वेषतापूर्ण नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण है।
उन्होंने 20 हजार करोड़ के टेंडरों में गड़बड़ी के पुराने मामलों का जिक्र किया। मीणा ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। प्रदेश के युवाओं और किसानों का हक कोई नहीं मार पाएगा।
निष्कर्ष और भविष्य की राह
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का यह दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके बयानों ने आगामी चुनावों के लिए माहौल गरमा दिया है।
मंत्री के कड़े तेवरों से साफ है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाती रहेगी। अब देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का क्या जवाब देती है।
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