राजस्थान का चुनाव और जनजा​ति समाज: सभाओं का विश्लेषण राहुल गांधी की दक्षिण राजस्थान साधने की कोशिश और किरोड़ी लाल मीणा कर रहे कांग्रेस की जमीन खींचने की तैयारी

सभाओं का विश्लेषण राहुल गांधी की दक्षिण राजस्थान साधने की कोशिश और किरोड़ी लाल मीणा कर रहे कांग्रेस की जमीन खींचने की तैयारी
Kirodi Lal Meena vs Rahul Gandhi on Trible Community Sabha
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Highlights

राजस्थान में 25 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं
राहुल गांधी 16 सीटों पर पर प्रभाव इलाके में कर गए हैं सभा
किरोड़ीलाल मीणा 8 सीटों पर प्रभाव वाले इलाके में सक्रिय हैं
8 अनारक्षित सीटों पर भी अनुसूचित जनजाति के विधायक चुने

जयपुर | संसद में जोरदार सम्बोधन के बाद मेवाड़ और वागड़ सीटों पर आदिवासी दिवस के बहाने कांग्रेस के सिपहसालार राहुल गांधी विधानसभा चुनावों का बिगुल बजाने आए। राहुल गांधी राजस्थान के महिला अत्याचार पर और राज्य सरकार की योजनाओं पर जनता का ध्यान आकृष्ट करने के बजाय आदिवासी और वनवासी शब्द की व्याख्या पर ही फोकस कर गए।

राजस्थान के वे जिले जहां आदिवासी हैं। पांच अलग—अलग मूड और सामाजिक अंदाज के आदिवासी राजस्थान में रहते हैं। एक वे हैं जो पूर्वी राजस्थान के इलाके से हैं। दूसरे सिरोही जिले के गरासिया, बारां किशनगंज के सहरिया और पूर्वी राजस्थान के शहरी इलाकों के एसटी। वागड़—मेवाड़ मूड के आदिवासी।

  • राजस्थान में अभी कुल 33 विधायक हैं अनुसूचित जनजाति के
  • बीजेपी के दस विधायक है अनुसूचित जनजाति वर्ग से चुने हुए
  • कांग्रेस के पास 13 अनुसूचित जनजाति विधायकों का काडर
  • पांच जनजाति विधायक निर्दलीय चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे
  • बीटीपी के दो विधायक हैं राजस्थान की विधानसभा में इस वक्त
  • बसपा का एक ही विधायक एसटी वर्ग से जीता हुआ है
  • राहुल गांधी की मानगढ़ धाम में सभा का राजनीतिक विश्लेषण

राहुल गांधी आज वागड़ में थे और आदिवासी वोट बैंक को साधन के लिहाज से रैली को सम्बोधित कर रहे थे। आज बात करेंगे कि क्या मिलेगा राहुल गांधी की इस रैली से कांग्रेस को। यह इलाका जहां कभी सिर्फ कांग्रेस का वोट बैंक हुआ करता था अब बीजेपी के साथ बीटीपी और समाजवाद—साम्यवाद की असर भी प्रभावी होने लगी है।

युवा विधायक राजकुमार रोत, गणेश घोघरा जैसे युवा और रमिला खड़िया जैसे बागी विधायकों की धमक राजस्थान विधानसभा में बीते पांच साल में ऐसी सुनी कि लगता है कि यहां का वोटर अब किसी भुलावे में पूरा का पूरा नहीं आएगा।

इसी बीच राजस्थान में किरोड़ीलाल मीणा भी आदिवासी दिवस पर मीणा हाईकोर्ट में थे और एक बड़ा आयोजन किया। दौसा के ​समीप हुए इस आयोजन में भी राजनीतिक अंदाज ऐसा रहा कि चुनाव प्रभावित करेगा।

राजस्थान में कुल 25 सीटें एसटी के लिए रिजर्व हैं और यह 11 जिलों में स्थित है। जिलों का हिसाब हम पुराना यानि कि 2018 वाला ही लगा रहे हैं। इस बार 33 विधायक एसटी के हैं राजस्थान विधानसभा में। 25 रिजर्व सीटों पर है और आठ अनरिजर्वड यानि कि  अनारक्षित पर है।

राहुल गांधी जिस इलाके में सभा कर गए हैं, वहां 16 सीटें हैं। उदयपुर जिले की गोगुंदा, झाड़ोल, खैरवाड़ा, उदयपुर ग्रामीण और सलूम्बर। इसमें से कांग्रेस के पास सिर्फ एक है। बीजेपी के पास चार। बांसवाड़ा जिले की पांच जिसमें बांसवाड़ा और बागीदौरा में कांग्रेस, गढ़ी और घाटोल में बीजेपी है। एक सीट कुशलगढ़ पर निर्दलीय है। प्रतापगढ़ की दो सीट हैं धरियावद जहां से बीजेपी ओर प्रतापगढ़ से कांग्रेस है। इसी तरह डूंगरपुर की चार में से एक डूंगरपुर ही कांग्रेस के पास है।

चौरासी और सागवाड़ा बीटीपी तथा आसपुर बीजेपी के पास है। इस लिहाज से सोलह में से आधी यानि कि पचास प्रतिशत सीटों पर भाजपा है। दो पर बीटीपी, एक पर निर्दलीय और शेष पांच पर कांग्रेस हैं। मतलब यहां सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस कमजोर है। लोकसभा चुनाव में ही कांग्रेस को आदिवासियों ने वोट नहीं किया और सभी लोकसभा क्षेत्रों में यहां बीजेपी जीती। 

अब यदि आते हैं मीणा हाईकोर्ट वाले आदिवासी दिवस पर जिसे अपने आप में सशक्त विपक्ष बने हुए बाबा किरोड़ीलाल मीणा कर रहे हैं। इस इलाके में आठ सीटें मोटे तौर पर मान सकते हैं। यदि सिरोही की पिण्डवाड़ा सीट पर इन दोनों कार्यक्रमों का प्रभाव नहीं मानें तो यहां आठ सीटें सीधे तौर पर प्रभावित होती है और यहां एक भी बीजेपी का विधायक नहीं है। जयपुर जिले की बस्सी सीट पर निर्दलीय है लगातार दूसरी बार।

जयपुर जिले की जमवारामगढ़, अलवर की राजगढ़—लक्ष्मणगढ़, करौली की टोडाभीम और सपोटरा, दौसा की लालसोट, सवाई माधोपुर की बामनवास और बारां जिले की किशनगंज में कांग्रेस है। ऐसे में राहुल गांधी का  कार्यक्रम स्वाभाविक तौर पर वहां बनाया गया, जहां आदिवासी सीटों की संख्या करीब दो तिहाई है और कांग्रेस जहां कमजोर है। वहीं किरोड़ी मीणा ने अपनी एक तिहाई सीटों पर फोकस किया है।

जिन अनारक्षित सीटों पर एसटी के विधायक हैं। वे यही बाबा किरोड़ी के मोहल्ले की है। वे सीटें हैं अलवर की थानागाजी, करौली की करौली और महुवा, दौसा, सवाई माधोपुर की गंगापुर, टोंक की देवली उनियारा, भीलवाड़ा की जहाजपुर और कोटा की पिपल्दा।

इन आठ में बीजेपी और बसपा का एक ही विधायक है। दो कांग्रेस और तीन निर्दलीय हैं। ऐसे में बीजेपी का यह पार्ट जरा कमजोर है। आठ आरक्षित और आठ अनारक्षित एसटी परिणाम वाली सीटों पर बीजेपी का महज एक ही विधायक है। शेष सभी कांग्रेस के खाते में है।

ऐसे में बीजेपी किरोड़लाल मीणा से चमत्कार की उम्मीद कर रही है। उम्रदराजी के बावजूद किरोड़ीलाल मीणा जोश—खरोश से बीजेपी को यहां चमकाने की उम्मीद में आयोजन कर रहे हैं। 2023 में जीत के हिसाब से  सीटों पर हुई कोशिशें कितना रंग लाएगी। यह वक्त बताएगा। परन्तु दोनों ही पार्टियां आदिवासियों को सेट करने की कोशिशों में जुटी है।

राजस्थान में 2018 विधानसभा चुनाव में जीते अनुसूचित जनजाति के विधायक

विधानसभा आरक्षण जिला विधायक पार्टी
जमवा रामगढ़ अजा जयपुर गोपाल लाल मीणा कांग्रेस
बस्सी अजा जयपुर लक्ष्मण मीणा निर्दलीय
थानागाजी General अलवर कांति प्रसाद निर्दलीय
राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ अजा अलवर जौहरी लाल मीणा कांग्रेस
टोडाभीम अजा करौली पृथ्वीराज मीणा कांग्रेस
करौली सामान्य करौली लाखन सिंह बसपा
सपोटरा अजा करौली रमेश चंद मीणा कांग्रेस
महुवा सामान्य दौसा ओम प्रकाश हुड़ला निर्दलीय
दौसा सामान्य दौसा मुरारी लाल कांग्रेस
लालसोट अजा दौसा परसादी लाल कांग्रेस
गंगापुर सामान्य सवाई माधोपुर रामकेश निर्दलीय
बामनवास अजा सवाई माधोपुर श्रीमती इंद्रा कांग्रेस
देवली-उनियारा सामान्य टोंक हरीश चंद्र मीणा कांग्रेस
पिंडवाड़ा-आबू अजा सिरोही समाराम गरासिया बीजेपी
गोगुन्दा अजा उदयपुर प्रताप लाल भील  बीजेपी
झाड़ोल अजा उदयपुर बाबू लाल खराड़ी बीजेपी
खेरवाड़ा अजा उदयपुर दयाराम परमार कांग्रेस
उदयपुर ग्रामीण अजा उदयपुर फूल सिंह मीणा बीजेपी
सलूम्बर अजा उदयपुर अमृत लाल मीणा बीजेपी
धरियावद अजा प्रतापगढ़ गौतम लाल बीजेपी
डूंगरपुर अजा डूंगरपुर गणेश घोगरा कांग्रेस
आसपुर अजा डूंगरपुर गोपी चंद मीणा बीजेपी
सागवाड़ा अजा डूंगरपुर रामप्रसाद BTP
चौरासी अजा डूंगरपुर राजकुमार रोत BTP
घाटोल अजा बांसवाड़ा हरेंद्र निनामा बीजेपी
गढ़ी अजा बांसवाड़ा कैलाश चंद्र मीणा बीजेपी
बांसवाड़ा अजा बांसवाड़ा अर्जुन सिंह बामनिया कांग्रेस
बागीदौरा अजा बांसवाड़ा महेंद्र जीत सिंह मालवीय कांग्रेस
कुशलगढ़ अजा बांसवाड़ा रमिला खड़िया निर्दलीय
प्रतापगढ़ अजा प्रतापगढ़ रामलाल मीणा कांग्रेस
जहाजपुर सामान्य भीलवाड़ा गोपी चंद मीणा बीजेपी
पीपल्दा सामान्य कोटा रामनारायण मीणा कांग्रेस
किशनगंज अजा बारां निर्मला सहरिया कांग्रेस

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