कोटा | कोटा के संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को न्यू मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और नवीन चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
कोटा मेडिकल कॉलेज में औचक निरीक्षण: कोटा: मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा में बड़ी लापरवाही, गार्ड गायब
आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने कोटा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया, गायब गार्डों पर भड़के।
HIGHLIGHTS
- संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया।
- निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही पाई गई, ड्यूटी से आधे से ज्यादा गार्ड गायब मिले।
- आयुक्त ने रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया और अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
- लापरवाही बरतने वाली सुरक्षा एजेंसी को नोटिस थमाने और पेनल्टी लगाने के आदेश जारी किए गए।
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आयुक्त ने प्रशासनिक भवन में रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी वार्ता की और उनका पक्ष सुना। उन्होंने डॉक्टरों को उनकी सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह आश्वस्त किया और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया।
सुरक्षा गार्डों की भारी अनुपस्थिति और लापरवाही
संभागीय आयुक्त ने जब अस्पताल में सुरक्षा गार्डों का भौतिक सत्यापन किया, तो बड़ी लापरवाही सामने आई। निर्धारित रिकॉर्ड के अनुसार ड्यूटी पर तैनात गार्डों की संख्या मौके पर काफी कम पाई गई।
सुबह की पारी में 45 में से केवल 28 गार्ड ही उपस्थित मिले। वहीं दोपहर 2 बजे की पारी में 25 में से केवल 10 गार्ड ही ड्यूटी पर मौजूद थे, जिससे सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।
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कई सुरक्षा कर्मी निर्धारित वर्दी में नहीं थे। उनके पास बेल्ट, नेम प्लेट, टोपी, डंडा और सीटी जैसे जरूरी उपकरण भी नहीं पाए गए, जो ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से होने चाहिए।
लापरवाह सुरक्षा कंपनी पर गिरेगी गाज
बायोमीट्रिक उपस्थिति की जानकारी मांगने पर सुपरवाइजर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर आयुक्त ने अधीक्षक को निर्देश दिया कि सुरक्षा कंपनी को तुरंत नोटिस देकर भारी पेनल्टी लगाई जाए।
अस्पताल की सुरक्षा और मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है। ड्यूटी से गायब रहने वाले गार्ड और लापरवाही बरतने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर
आयुक्त ने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती प्रसूताओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज के बारे में जानकारी ली और वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी मुलाकात की।
मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अस्पताल के सभी सीसीटीवी कैमरों को तुरंत फंक्शनल करने के सख्त आदेश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. निलेश जैन और अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा सहित कई डॉक्टर उपस्थित रहे। इस अचानक हुई कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसी में हड़कंप मच गया है।
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