राजस्थान

कोटा में महिला सुरक्षा पर बिरला के निर्देश: कोटा बनेगा और सुरक्षित: AI कैमरे और पिंक बूथ से लैस होगा शहर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 26 अप्रैल 2026, 11:24 दोपहर
निर्भया फंड के तहत कोटा में AI तकनीक और पिंक पेट्रोलिंग से बढ़ेगी महिलाओं की सुरक्षा।

जयपुर | लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। निर्भया फंड के जरिए अब कोटा शहर को महिलाओं और बालिकाओं के लिए देश का सबसे सुरक्षित और समावेशी शहर बनाने की तैयारी है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

एआई तकनीक से होगी अपराधियों की निगरानी

बैठक में बिरला ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी मौजूदा सीसीटीवी कैमरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ा जाए। इससे अपराधियों की पहचान आसान होगी और पुलिस की निगरानी प्रणाली पहले से कहीं अधिक प्रभावी, आधुनिक और सटीक बन जाएगी।इसके साथ ही जिले के अन्य प्रमुख और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों को भी जल्द ही सीसीटीवी नेटवर्क के दायरे में लाया जाएगा। बिरला ने स्पष्ट किया कि कोई भी अपराधी अब पुलिस की नजरों से बच नहीं सकेगा और शहर में कानून का राज और कड़ा होगा।

पिंक पेट्रोलिंग और मॉडल थाना

महिलाओं की त्वरित सहायता के लिए शहर में दो नई पिंक पेट्रोलिंग वैन शुरू की जाएंगी और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पिंक बूथ बनेंगे। कोटा आने वाली हजारों कोचिंग छात्राओं की सुरक्षा के लिए विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण और साइबर जागरूकता अभियान भी तेज किए जाएंगे।महिला सुरक्षा केवल व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज के विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। सभी योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन जरूरी है।कोटा महिला थाने को अब 'मॉडल महिला थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि वहां आने वाली महिलाओं को संवेदनशील और सुरक्षित माहौल मिल सके। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर की उपस्थिति में हुई इस बैठक में पुलिस महानिरीक्षक और जिला कलक्टर भी मौजूद रहे।

10 करोड़ से बदल जाएगी शहर की सूरत

निर्भया फंड के पायलट प्रोजेक्ट के तहत कोटा को 10 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे पिंक ई-रिक्शा और पिंक एम्बुलेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं आएंगी। सुरक्षित प्रतीक्षालय, कॉल बॉक्स और महिला श्रमिकों के लिए विशेष लाउंज का निर्माण भी इस बड़ी योजना का एक अहम हिस्सा है।पर्यटन स्थलों पर विशेष महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और महिलाओं को ड्राइविंग व आत्मरक्षा का पेशेवर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इन प्रयासों से कोटा न केवल एक एजुकेशन हब बल्कि महिला सुरक्षा के मामले में भी पूरे देश के लिए एक बड़ी मिसाल बनेगा।प्रशासन और पुलिस की यह संयुक्त पहल कोटा की बेटियों को एक निडर, सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। आने वाले समय में कोटा की सड़कों पर हर महिला स्वयं को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकेगी।

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