जयपुर | कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच प्रस्तावित 181 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। आगामी दो महीनों के भीतर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू होने की पूरी संभावना है।
जुलाई से शुरू होगा निर्माण कार्य
करीब 6000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण जुलाई माह से प्रस्तावित है। इसके लिए तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
परियोजना के लिए जयपुर जिले के 50 राजस्व गांवों में करीब 2200 हैक्टेयर भूमि एक्वायर की जाएगी। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल परिवहन सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी।
रफ्तार और सुरक्षा का बेजोड़ संगम
यह एक्सप्रेस-वे अत्याधुनिक सुविधाओं से पूरी तरह लैस होगा। यहां वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जो सफर को काफी तेज बना देगी।
इस उच्च गति के कारण कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी महज 2 घंटे में पूरी हो सकेगी। वर्तमान में लगने वाले समय के मुकाबले यह एक बड़ी राहत होगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत इस मार्ग पर ट्रैक्टर, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर जैसे धीमी गति वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा।
स्मार्ट टोलिंग और आधुनिक तकनीक
एक्सप्रेस-वे पर इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) लागू किया जाएगा। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट स्कैनिंग के जरिए वाहन चालकों से दूरी के आधार पर टोल की वसूली की जाएगी।
इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। यह तकनीक न केवल समय बचाएगी, बल्कि ईंधन की खपत को कम करने में भी सहायक होगी।
जोबनेर और नावां के लिए बड़ी खुशखबरी
कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच इस एक्सप्रेस-वे पर कुल 9 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जाएंगे। यह स्थानीय कनेक्टिविटी को काफी मजबूत और सुलभ बनाने का काम करेगा।
जोबनेर के समीप ड्योढी-हरनाथपुरा मोड़ पर एक प्रमुख एंट्री पॉइंट बनाया जाएगा। इससे नावां, कुचामन और जोबनेर के वाहन चालकों को सीधा और बड़ा लाभ मिलने वाला है।
किसानों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हर 2 किलोमीटर पर अंडरपास और मुख्य मार्गों पर अत्याधुनिक फ्लाईओवर बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय आवागमन बाधित न हो।
"यह एक्सप्रेस-वे राजस्थान के बुनियादी ढांचे के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। इससे व्यापारिक गलियारों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी और यात्रा का समय आधा रह जाएगा।" - परिवहन विशेषज्ञ
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
50 राजस्व गांवों से गुजरने वाला यह मार्ग स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने की प्रबल संभावना है।
भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के विकास में स्थानीय निवासियों की भागीदारी और विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
इस सड़क परियोजना के पूरा होने से जयपुर और अजमेर जिलों के बीच एक नया और तेज वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जाएगा, जिससे मुख्य हाईवे पर दबाव कम होगा।
निष्कर्ष: विकास की नई जीवनरेखा
कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क मात्र नहीं है, बल्कि यह राजस्थान के विकास की नई जीवनरेखा है। इसका समय पर पूरा होना राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह परियोजना राजस्थान के सड़क तंत्र को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप आधुनिक बनाएगी। इससे पर्यटन, रसद और विनिर्माण क्षेत्र को आने वाले समय में अभूतपूर्व लाभ मिलने की उम्मीद है।
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