जयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव महेंद्र सिंह खेड़ी ने जयपुर में एक शांतिपूर्ण रैली पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र पर सीधा आघात बताया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई
महेंद्र सिंह खेड़ी ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रैली श्री राजपूत करणी सेना एवं विभिन्न समाजों के लोगों द्वारा निकाली गई थी।
उन्होंने बताया कि रैली रावण गेट झोटवाड़ा से कलेक्ट्रेट सर्किल तक प्रशासन की अनुमति के साथ शांतिपूर्वक निकाली गई थी।
लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन
खेड़ी के अनुसार, प्रदर्शनकारी केवल अपनी मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपना चाहते थे।
उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में सरकार और प्रशासन को लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर ज्ञापन स्वीकार करना चाहिए था, न कि पुलिस बल का प्रयोग करना चाहिए था।"
उन्होंने महिलाओं, युवाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों पर वॉटर कैनन और लाठीचार्ज किए जाने की खबरों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया।
लोकतंत्र में आवाज दबाने का प्रयास
महेंद्र सिंह खेड़ी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनभावनाओं का सम्मान करना और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना है।
खेड़ी ने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने वाला संदेश देगा।
रैली का अनुशासित संचालन
यह भी जानकारी सामने आई है कि रैली करीब 12 किलोमीटर चलकर कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाकर उसे शीघ्र निकलने में सहायता की और ट्रैफिक में अवरोध से बचने के लिए एक ही रूट पर चले।
निष्पक्ष जांच की मांग
महेंद्र सिंह खेड़ी ने राज्य सरकार से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति संवेदनशील और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण अपनाने का भी आग्रह किया।
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