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पाकिस्तान की खुली पोल: ‘कमरे के बाहर बंदूकबाज’, लिटन दास ने खोली पाकिस्तान की पोल

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 09 जून 2026, 09:54 सुबह
बांग्लादेशी क्रिकेटर लिटन दास ने एक इंटरव्यू में पाकिस्तान में क्रिकेट के दौरान सुरक्षा हालातों का खुलासा किया है। उनका वीडियो वायरल हो रहा है।

ढाका | बांग्लादेश के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने के अपने अनुभव को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की असलियत बयां कर रहे हैं।

यह बयान उस वक्त आया है जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई थीं। लिटन दास ने अपने बोर्ड के दोहरे मापदंड को दुनिया के सामने रख दिया है।

पाकिस्तान की डरावनी हकीकत

एक इंटरव्यू के दौरान लिटन दास से भारत में खेलने की सुरक्षा को लेकर सवाल किया गया। यह सवाल बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के उस रुख के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने भारत को असुरक्षित बताया था।

इस पर लिटन दास ने जो जवाब दिया, वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए किसी झटके से कम नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के हालात की तुलना करते हुए एक चौंकाने वाला सच उजागर किया।

'कमरे के बाहर बंदूक ताने खड़े रहते थे'

लिटन दास ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पाकिस्तान में सुरक्षा के नाम पर किस तरह का माहौल होता है। उन्होंने कहा कि वहां का अनुभव कहीं ज्यादा डरावना था।

“बांग्लादेश के अधिकारी हमसे कह रहे थे कि भारत में हमारे लिए कोई सुरक्षा नहीं है, जिसके जवाब में मैंने उनसे कहा कि हम पाकिस्तान में खेल चुके हैं, जहां कमरे के बाहर गार्ड बंदूक ताने खड़े रहते थे। इससे खतरनाक और क्या हो सकता है? अगर हम पाकिस्तान में खेल सकते हैं तो भारत में क्यों नहीं?”

क्या था T20 वर्ल्ड कप 2026 का विवाद?

आपको बता दें कि यह पूरा मामला T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़ा है, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से की थी। तब बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था और वेन्यू बदलने की मांग की थी।

आईसीसी के नियमों के तहत ऐसा संभव नहीं था, और लगातार धमकी देने के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। उनकी जगह स्कॉटलैंड को खेलने का मौका मिला।

दिलचस्प बात यह है कि उस समय पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बांग्लादेश का समर्थन करने और न्याय न मिलने पर वर्ल्ड कप का बॉयकॉट करने की बात कही थी। हालांकि, पाकिस्तान ने बाद में टूर्नामेंट में हिस्सा लिया।

लिटन दास के इस बयान ने अब पाकिस्तान के झूठे वादों और वहां की वास्तविक सुरक्षा स्थिति की पोल खोल दी है। यह दिखाता है कि कैसे खिलाड़ी राजनीतिक दबाव और खतरनाक परिस्थितियों के बीच खेलने को मजबूर होते हैं।

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