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राजस्थान में 'ब्रेक मानसून' का असर: 15 जुलाई तक अधिकांश जिलों में बारिश के आसार कम, बढ़ेगी उमस और तापमान

बलजीत सिंह शेखावत
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low chance of rain in most districts until july 15 humidity and temperatures to rise

जयपुर। राजस्थान में मानसून के प्रवेश के बाद अब इसकी रफ्तार धीमी पड़ती नजर आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले एक सप्ताह तक 'ब्रेक मानसून' की स्थिति बनी रहने की संभावना है। इसके चलते 15 जुलाई तक अधिकांश जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, जबकि केवल कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान व्यापक या भारी बारिश की संभावना बेहद कम रहेगी। बारिश की कमी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे आमजन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।

आज इन क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 13 जुलाई को जयपुर, भरतपुर और शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं और चूरू) के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि यह बारिश स्थानीय स्तर तक सीमित रहने की संभावना है।

14 और 15 जुलाई का मौसम पूर्वानुमान

14 और 15 जुलाई को पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले पूरे सप्ताह तक राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी रहेंगी और भारी बारिश की संभावना बेहद कम रहेगी।

19 जिलों में सामान्य से कम बारिश

मानसून सीजन में इस बार राजस्थान में बारिश का वितरण असमान रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 19 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें 11 जिले ऐसे हैं जहां बारिश में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी रिकॉर्ड की गई है।

हालांकि प्रदेश स्तर पर औसतन 11.41 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी कुछ संभागों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण है, जबकि राज्य के बड़े हिस्से में अब भी सामान्य बारिश का इंतजार है।

संभागवार बारिश की स्थिति

  • बीकानेर संभाग में सामान्य से 50.62 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
  • अजमेर संभाग में सामान्य से 38.62 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
  • जयपुर संभाग में सामान्य से 16.79 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
  • उदयपुर संभाग में 5.55 प्रतिशत अधिक और भरतपुर संभाग में लगभग सामान्य यानी 0.10 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
  • जोधपुर संभाग में सामान्य से 17.33 प्रतिशत कम तथा कोटा संभाग में 1.68 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

फतेहपुर रहा सबसे गर्म

बारिश की गतिविधियां थमने के बाद प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ा है। रविवार को शेखावाटी का फतेहपुर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा जैसलमेर में 39.0 डिग्री, चूरू में 38.5 डिग्री, बीकानेर में 38.1 डिग्री, जबकि अलवर और श्रीगंगानगर में 38.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जहां लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

किसानों की बढ़ी चिंता

मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती बारिश के बाद जिन किसानों ने बाजरा, ग्वार और मूंग जैसी खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी, उन्हें अब फसलों के लिए पानी की जरूरत महसूस होने लगी है।

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