लखनऊ | ईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के दौर से गुजर रही लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टीम के मुख्य दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज एनरिक नॉर्किया चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर काबिज लखनऊ के लिए यह खबर किसी बड़े संकट से कम नहीं है। टीम पहले से ही अपने प्रदर्शन को लेकर दबाव में थी और अब मुख्य गेंदबाज का जाना बड़ी चुनौती है।
कोच भरत अरुण ने की आधिकारिक पुष्टि
गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने एक हालिया रिपोर्ट में इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नॉर्किया अब इस सीजन के आगामी मैचों में टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। यह खुलासा उस समय हुआ जब कोच से भारतीय और विदेशी गेंदबाजों के बीच संतुलन बनाने को लेकर सवाल पूछा गया था। नॉर्किया की अनुपस्थिति टीम के गेंदबाजी संतुलन को बिगाड़ सकती है। हमारा गेंदबाजी आक्रमण मुख्य रूप से भारतीय है, लेकिन एनरिक नॉर्किया का बाहर होना हमारे लिए एक बड़ी क्षति है। नॉर्किया के बाहर होने का मतलब यह भी है कि लखनऊ के पास अब तेज गेंदबाजी के लिए कोई विदेशी रिजर्व खिलाड़ी मौजूद नहीं है। इससे पहले वानिंदु हसरंगा भी चोट के कारण बाहर हो गए थे।
भारतीय गेंदबाजों पर बढ़ा जिम्मेदारी का बोझ
हसरंगा की जगह टीम ने दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी जॉर्ज लिंडे को शामिल किया था, लेकिन नॉर्किया के विकल्प पर अभी फैसला होना बाकी है। फिलहाल टीम अपनी भारतीय यूनिट पर निर्भर है। ईपीएल 2026 में लखनऊ की भारतीय गेंदबाजी यूनिट ने अब तक सराहनीय प्रदर्शन किया है। युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने शानदार लय दिखाते हुए 7 मैचों में कुल 13 विकेट झटके हैं। अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने भी 7 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। वहीं मोहसिन खान ने केवल तीन मैचों में अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित करते हुए 4 विकेट लिए हैं। एम सिद्धार्थ और दिग्वेश राठी जैसे गेंदबाजों ने भी बीच के ओवरों में काफी कसी हुई गेंदबाजी की है। इनके प्रदर्शन ने टीम को कई मौकों पर मैच में वापस लाने का काम किया है।
मयंक यादव की वापसी पर टिकी निगाहें
टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा इतनी कड़ी है कि 156 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले मयंक यादव को अब तक केवल एक मैच खेलने का मौका मिला है। वह लगातार प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रबंधन अब मयंक यादव जैसे तेज गेंदबाजों को अधिक मौके देने पर विचार कर सकता है। नॉर्किया की गति की कमी को पूरा करने के लिए मयंक एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए अब अपने बचे हुए मैचों में असाधारण प्रदर्शन करना होगा। नॉर्किया की कमी को टीम वर्क के जरिए ही पूरा किया जा सकता है। आगामी मैचों में टीम की रणनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फैंस को उम्मीद है कि भारतीय युवा ब्रिगेड इस मुश्किल घड़ी में टीम को संकट से बाहर निकालने में सफल रहेगी।
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