कोलकाता | आईपीएल 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को 3 विकेट से करारी शिकस्त दी। ईडन गार्डन्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए इस मैच में दर्शकों को अंतिम गेंद तक रोमांच देखने को मिला।
मुकुल चौधरी ने पलटी हारी हुई बाजी
182 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की टीम एक समय संघर्ष कर रही थी। लेकिन युवा सनसनी मुकुल चौधरी ने मैदान पर कदम रखते ही मैच का नक्शा बदल दिया। मुकुल ने महज 27 गेंदों में 54 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। मुकुल की इस पारी ने केकेआर के जबड़े से जीत छीन ली। उन्होंने अपनी पारी के दौरान मैदान के हर कोने में शॉट्स लगाए। उनकी इस बहादुरी भरी बल्लेबाजी ने लखनऊ को एक यादगार जीत दिलाई और उन्हें 'मैच का नायक' बना दिया।
कप्तान रहाणे ने फील्डिंग को बताया जिम्मेदार
मैच के बाद केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस हार को स्वीकार करना बहुत कठिन है। रहाणे ने स्वीकार किया कि उनकी टीम ने फील्डिंग में कई बड़ी गलतियां कीं, जो अंत में भारी पड़ीं। रहाणे ने मुकुल चौधरी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पारी निर्णायक साबित हुई। कप्तान के अनुसार, मुकुल ने बहुत ही बहादुरी से अपने शॉट्स का चयन किया। उन्होंने उन गेंदों पर भी प्रहार किया जो तकनीकी रूप से काफी अच्छी थीं।
अंतिम ओवरों का रोमांच और चूक
रहाणे ने मैच के विश्लेषण में कहा कि 18वें ओवर तक स्थिति नियंत्रण में थी। लेकिन आखिरी दो ओवरों में टीम से बड़ी चूक हो गई। उन्होंने कहा कि दबाव के क्षणों में कभी-कभी फील्डिंग का स्तर गिर जाता है, और वही यहां हुआ। उन्होंने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने योजना के अनुसार गेंदबाजी की। लेकिन मुकुल और उनकी साझेदारी ने खेल को केकेआर से दूर कर दिया। रहाणे ने माना कि मुकुल ने दबाव में बेहतरीन क्रिकेट खेला।
पिच की स्थिति और बल्लेबाजी
ईडन गार्डन्स की पिच को लेकर रहाणे ने कहा कि यहां बड़े शॉट्स खेलना आसान नहीं था। धीमी गेंदें रुककर आ रही थीं, जिससे बल्लेबाजों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने अपनी टीम की बल्लेबाजी को संतोषजनक बताया। रहाणे ने कहा कि रघुवंशी के साथ उनकी साझेदारी और फिर पॉवेल-ग्रीन की पारियों ने टीम को 180 के पार पहुंचाया था। उन्हें लगा था कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त होगा, लेकिन लखनऊ के बल्लेबाजों ने इसे गलत साबित कर दिया।
पेनल्टी और फील्डिंग पाबंदियां
मैच के अंतिम क्षणों में केकेआर को समय सीमा के कारण सजा भुगतनी पड़ी। धीमी ओवर गति के चलते उन्हें पांच फील्डर घेरे के अंदर रखने पड़े। रहाणे ने कहा कि आखिरी ओवर में यह गेंदबाजों के लिए बहुत मुश्किल स्थिति थी। जब बाउंड्री पर फील्डर कम होते हैं, तो गेंदबाज के पास गलती की गुंजाइश खत्म हो जाती है। इसी का फायदा उठाकर लखनऊ ने आवश्यक रन बना लिए। इस हार ने केकेआर को अपनी रणनीति पर फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।