राजस्थान

मदन दिलावर का चूरू दौरा: राजस्थान में शिक्षा और संस्कार पर मदन दिलावर का बड़ा बयान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 26 अप्रैल 2026, 11:16 दोपहर
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने चूरू में विद्यालय का लोकार्पण कर संस्कारों और स्वच्छता पर जोर दिया।

चूरू | राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने चूरू जिले के तारानगर में एक भव्य विद्यालय का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और मानवीय मूल्यों को जीवन में उतारने की बात पर विशेष जोर दिया।

दिलावर ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में नैतिकता का विकास करना समाज की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने भामाशाहों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सहयोग से बालिका शिक्षा का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत हो रहा है।

यह विद्यालय विशेष रूप से बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री ने विश्वास जताया कि शिक्षित और संस्कारित बेटियां पूरे विश्व में राजस्थान का गौरव बढ़ाएंगी।

शिक्षा और संस्कारों का अनूठा संगम

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्थान अब शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी विद्यालयों में बुनियादी ढांचा सुधर रहा है और शिक्षण का स्तर भी निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहा है।

"शिक्षा में नैतिकता, मानवीय मूल्य और संस्कार का समावेश आवश्यक है। हमें इन मूल्यों को आत्मसात कर देश को शिखर पर ले जाना है।"

उन्होंने बताया कि शिक्षकों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें। बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के शानदार प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन से कुछ भी संभव है।

शिक्षा विभाग अब एक नया और प्रभावी पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी हकीकत जानने के लिए नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करें।

ग्रामीण विकास और स्वच्छता पर जोर

मंत्री दिलावर ने शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता को भी प्राथमिकता दी और कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने घोषणा की कि हर छोटी ग्राम पंचायत को सफाई व्यवस्था के लिए सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 लाख रुपये दिए जा रहे हैं।

प्लास्टिक के खतरों से आगाह करते हुए उन्होंने लोगों से जूट और कपड़े के थैलों का उपयोग करने की भावुक अपील भी की। उनका मानना है कि कचरा और प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य पर सीधा और बहुत बुरा प्रभाव डाल रहे हैं, जिसे रोकना जरूरी है।

उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें और पॉलिथीन के उपयोग को पूरी तरह बंद करें। स्वच्छता ही वह आधार है जिससे बीमारियों को दूर रखा जा सकता है और जीवन स्तर सुधारा जा सकता है।

हरित राजस्थान और पर्यावरण संकल्प

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए 'हरित राजस्थान' अभियान के तहत बीज बैंक बनाए जा रहे हैं। विलुप्त हो रही वनस्पतियों के संरक्षण के लिए सरकार गंभीर है और इसमें जनभागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।

चूरू विधायक हरलाल सहारण ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने और खेलकूद गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय का महत्व समझना और फिट रहना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

पद्मभूषण देवेंद्र झाझड़िया ने ग्रामीण क्षेत्रों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए स्थानीय प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि खेल और अनुशासन जीवन को एक नई दिशा प्रदान करते हैं।

मंत्री जी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे महीने में कम से कम 4 दिन गांवों में रात्रि विश्राम करें। इससे जमीनी स्तर पर शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का वास्तविक फीडबैक मिल सकेगा और सुधार की गुंजाइश बढ़ेगी।

मदन दिलावर का यह दौरा न केवल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाला रहा, बल्कि इसने सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया। संस्कार, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति यह जागरूकता निश्चित रूप से राजस्थान के सुनहरे भविष्य की एक मजबूत नींव रखेगी।

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