जयपुर | राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उसे महिला विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के प्रति सदैव उपेक्षापूर्ण रहा है। राठौड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को कभी सशक्त बनाने का प्रयास नहीं किया। उनके अनुसार, कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को केवल एक 'साइलेंट वोटर' के रूप में देखा और इस्तेमाल किया है।
शाहबानो प्रकरण: न्याय के साथ बड़ा छल
मदन राठौड़ ने शाहबानो प्रकरण का विशेष उल्लेख करते हुए इसे कांग्रेस की संकुचित मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को निष्प्रभावी कर दिया था। संविधान में बदलाव कर एक बेसहारा महिला को न्याय से वंचित करना कांग्रेस की सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल थी। यह कदम न केवल उस महिला के साथ अन्याय था, बल्कि देश की करोड़ों मुस्लिम बहनों के आत्मसम्मान पर गहरा आघात था। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को महिलाओं के बुनियादी अधिकारों से ऊपर रखा है। इससे समाज का एक बड़ा हिस्सा दशकों तक विकास की मुख्यधारा से कटा रहा।
साइलेंट वोटर नहीं, अब राष्ट्र की शक्ति हैं महिलाएं
भाजपा अध्यक्ष ने आधुनिक महिलाओं की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि आज की नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। वे अब केवल मूक दर्शक बनकर नहीं रह सकतीं। आज की महिलाएं उद्योग चला रही हैं और विज्ञान से लेकर अंतरिक्ष जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। अब वे 'साइलेंट वोटर' नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति बन चुकी हैं। राठौड़ के अनुसार, महिलाओं को अब विधानसभा और लोकसभा जैसे लोकतांत्रिक मंचों पर पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं की भागीदारी नीति निर्माण में नहीं होगी, तब तक पूर्ण विकास संभव नहीं है।
भाजपा का संकल्प और ऐतिहासिक प्रयास
मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय भैंरो सिंह शेखावत के योगदान को याद करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि शेखावत जी ने ही पंचायतों और निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल की थी। इसी तरह, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए गंभीर प्रयास किए थे। भाजपा हमेशा से महिलाओं को निर्णय लेने वाली प्रभावी भूमिकाओं में देखना चाहती है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को हमेशा यह डर सताता रहा है कि महिलाओं के सशक्त होने से उसका वोट बैंक कमजोर हो जाएगा। यही कारण है कि कांग्रेस महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों का समर्थन करने से बचती रही है।
लोकतांत्रिक विकास में बाधक है कांग्रेस
उन्होंने कहा कि संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक और टालमटोल वाला रहा है। यह दृष्टिकोण न केवल महिलाओं के साथ अन्याय है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक विकास में भी बड़ी बाधा है। कांग्रेस को अब यह समझ लेना चाहिए कि देश की महिलाएं पूरी तरह जाग चुकी हैं। वे अपने सम्मान, अधिकार और प्रतिनिधित्व के लिए किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल-कपट को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगी।
महिलाओं को मिले उचित राजनीतिक अधिकार
अंत में राठौड़ ने मांग की कि विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को उनका उचित संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी दल महिलाओं के सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा बनेगा, जनता उसे चुनावों में करारा जवाब देगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिलाओं के स्वाभिमान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाती रहेगी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे महिलाओं के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करें।