राजनीति

मदन राठौड़ का कांग्रेस पर तंज: राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ का बड़ा बयान: गहलोत, डोटासरा और जूली में लगी है 'जलेबी रेस', कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

प्रदीप बीदावत · 03 अप्रैल 2026, 06:53 शाम
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली के बीच वर्चस्व की 'जलेबी रेस' चल रही है। उन्होंने कांग्रेस को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि विपक्षी दल केवल सोशल मीडिया तक सीमित रह गया है।

जयपुर |  राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष की बयानबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा 'जलेबी रेस' में दौड़ रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का हर नेता अवसर लपकने की होड़ में लगा हुआ है। इनके बीच वर्चस्व की लड़ाई अब सार्वजनिक हो चुकी है।

गहलोत की सोशल मीडिया राजनीति

भाजपा अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन बार सीएम रहने के बाद अब उनके पास कोई काम नहीं बचा है।
मदन राठौड़ के अनुसार, गहलोत साहब अपनी उपस्थिति दिखाने और मनोरंजन के लिए सोशल मीडिया पर सीरीज चला रहे हैं। वे केवल व्यस्तता का ढोंग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गहलोत जी को कहीं न कहीं तो मन लगाना ही पड़ेगा, इसलिए वे हर बात पर ट्वीट कर रहे हैं। वे हर जगह केवल राजनीतिक फायदा तलाशते हैं।
राठौड़ ने सलाह दी कि गहलोत को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत की शब्दावली अब गंभीर नहीं रही और उनके बोल बिगड़ते जा रहे हैं।

डोटासरा और महिला विरोधी मानसिकता

गोविंद सिंह डोटासरा पर हमला करते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बची है। वे केवल विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा एक सकारात्मक महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं। यह उनकी सुर्खियों में बने रहने की एक घटिया कोशिश है।
राठौड़ ने सवाल उठाया कि क्या महिलाएं अनुमति लेकर अपना कार्यक्रम भी नहीं कर सकतीं? उन्होंने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र करार दिया।
उन्होंने याद दिलाया कि जब कांग्रेस मणिशंकर अय्यर को कॉलेज में बुलाती है, तो वे खुश होते हैं। लेकिन महिलाओं के कार्यक्रम पर उन्हें आपत्ति होती है।

NSUI और RSS विवाद पर प्रहार

भाजपा अध्यक्ष ने एनएसयूआई नेताओं की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्यक्रमों को आरएसएस से जोड़ना गलत है।
उन्होंने पूछा कि क्या फर्जी पोस्टर फैलाना और भ्रामक नैरेटिव बनाना ही कांग्रेस की नई राजनीति है? क्या यह विनोद जाखड़ की कार्यशैली का हिस्सा है?
राठौड़ ने तीखे लहजे में पूछा कि क्या एनएसयूआई में पद पाने के लिए केवल आरएसएस का विरोध करना ही एकमात्र योग्यता रह गई है?
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय कृत्य है।

कांग्रेस की अंदरूनी कलह

राठौड़ ने दावा किया कि डोटासरा को डर सता रहा है कि टीकाराम जूली उनसे आगे निकल जाएंगे। कांग्रेस में जूली का महत्व बढ़ना डोटासरा को रास नहीं आ रहा।
वहीं, गहलोत को लगता है कि जूली और डोटासरा भी 'मुंगेरी लाल के हसीन सपने' देख रहे हैं। इसी कारण तीनों नेता एक-दूसरे से आगे निकलने की रेस में हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता धरातल पर संगठन को मजबूत करने के बजाय केवल ऊपरी तौर पर राजनीति कर रहे हैं। वे जमीन से पूरी तरह कट चुके हैं।
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, कांग्रेस की राजनीति अब केवल वक्तव्यों, ट्वीट्स और सोशल मीडिया तक ही सीमित होकर रह गई है। जनता से उनका कोई वास्ता नहीं है।

महिला आरक्षण और कांग्रेस का डर

महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि यह विधेयक लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। तब कांग्रेस ने भी इसका समर्थन किया था।
अब उसी बिल पर सवाल उठाना कांग्रेस की नादानी और बचकानी हरकत है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे वास्तव में महिला विरोधी हैं?
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को शायद अपनी जमीन खिसकने का डर है। इसलिए वे बैकडोर से इस बिल का विरोध कर रहे हैं, जिसे देश कभी स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने तंज कसा कि जब बिल पारित हो रहा था, तब शायद उनके नेता विदेश यात्रा पर थे। इसलिए उन्हें इस ऐतिहासिक बदलाव की जानकारी नहीं है।

विपक्ष की दुर्गति और लोकतंत्र

मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा हमेशा एक मजबूत विपक्ष के समर्थन में रही है। लोकतंत्र के लिए एक सशक्त विपक्ष का होना अनिवार्य है।
लेकिन कांग्रेस जब तक परिवारवाद से बाहर नहीं निकलेगी, तब तक उसका सुधार संभव नहीं है। कांग्रेस की दुर्गति पूरे देश में साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस बंगाल, पंजाब, बिहार, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों से लगभग साफ हो चुकी है।
अंत में उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी कि वे सोशल मीडिया से बाहर निकलकर धरातल पर काम करें, तभी वे लोकतंत्र को मजबूत कर पाएंगे।

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