गाजियाबाद | गाजियाबाद के ऐतिहासिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में इन दिनों उत्सव का माहौल है। जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी का अध्यक्ष बनने पर श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का अभिनंदन किया जा रहा है।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज न केवल मंदिर के पीठाधीश्वर हैं, बल्कि वे जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं। उनके इस नए दायित्व से भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बुधवार को जूना अखाड़ा के जगतगुरू और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि महाराज मंदिर पहुंचे। उन्होंने महाराजश्री को माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया।
स्वामी चक्रपाणि ने इस अवसर पर कहा कि श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज का पूरा जीवन सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित है। वे वैदिक संस्कृति के सच्चे संवाहक हैं।
सनातन धर्म के लिए समर्पित जीवन
उन्होंने आगे कहा कि महाराजश्री ने गुरुकुल शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उनका मार्गदर्शन समाज को नई ऊर्जा प्रदान करता है।
स्वामी चक्रपाणि के अनुसार, ऐसे तपस्वी संत का सानिध्य मिलना समाज का सौभाग्य है। वे केवल भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य संतों के लिए भी प्रेरणा के स्रोत हैं।
बी के शर्मा हनुमान और वी के अग्रवाल के नेतृत्व में भी महाराजश्री का जोरदार अभिनंदन किया गया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गाजियाबाद का गौरव और वैश्विक पहचान
विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर बी के शर्मा हनुमान ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें महाराजश्री जैसा सिद्ध राष्ट्र संत मिला है।
उन्होंने कहा कि महाराजश्री के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से गाजियाबाद की भूमि धन्य हो गई है। आज सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर विश्व भर में गाजियाबाद की पहचान बन चुका है।
वी के अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान दूधेश्वर की कृपा से हमें महाराजश्री का आशीर्वाद निरंतर प्राप्त हो रहा है, जो समाज के लिए कल्याणकारी है।
सामाजिक सुधारों की नई अलख
शहर विधायक संजीव शर्मा के मीडिया प्रभारी अजय चोपड़ा ने महाराजश्री के सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराजश्री धर्म के साथ समाज सुधार में भी अग्रणी हैं।
महाराजश्री समाज को दहेज प्रथा और नशा जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। वे युवाओं को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित करते हैं।
उनका मानना है कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आध्यात्मिक चेतना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य के साथ वे देश और दुनिया में सनातन धर्म का प्रकाश फैला रहे हैं।
समारोह में उपस्थित गणमान्य अतिथि
समारोह में विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा और महासचिव रघुनंदन भारद्वाज भी शामिल हुए। सभी ने महाराजश्री को शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा सुभाष शर्मा, सुभाष त्यागी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजपाल शर्मा और ऋषिपाल शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आचार्य ब्रिज किशोर शर्मा ने स्वागत किया।
प्रचारक नीरज शर्मा, संजय शर्मा, डॉ देवेंद्र शर्मा, ताराचंद सारस्वत और ज्ञानचंद सारस्वत भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बने। महिला शक्ति की ओर से सुनीता बहल ने अभिनंदन किया।
समारोह में नरेंद्र तेवतिया, सुनील बंसल, अमित शर्मा, देवाशीष ओझा और मिलन मंडल ने भी महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। युवा महानगर अध्यक्ष कार्तिकेय शर्मा के साथ कई युवा उपस्थित थे।
डॉ एन एस तोमर, सुबोध त्यागी, बी पी सिंह और देवेंद्र सिंह ने भी महाराजश्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। प्रदीप चौधरी, आशु पंडित और राजकुमार शर्मा ने भी सहयोग किया।
डॉ मुकेश कुमार, डॉ मोहित वर्मा, पवन वर्मा, रंजीत पोद्दार और जिलाध्यक्ष अंकित शर्मा ने महाराजश्री को पुष्पगुच्छ भेंट किए। विनोद कुमार और देव आशु ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
पार्थ दास, राकेश विश्वास, बृजेंद्र विश्वास, जय किशन शर्मा, मनोज शर्मा और डॉ दिलीप कुमार ने महाराजश्री का अभिनंदन कर कार्यक्रम को सफल बनाया। यह गौरव का क्षण है।