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महाराष्ट्र में प्री-मानसून बारिश: महाराष्ट्र में प्री-मानसून की दस्तक, इन जिलों में अलर्ट

thinQ360 · 05 मई 2026, 07:11 शाम
महाराष्ट्र में प्री-मानसून सक्रिय, अगले 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी जारी।

मुंबई | महाराष्ट्र में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मौसम विभाग ने बड़ी राहत की खबर दी है। राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में महाराष्ट्र के कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।

राज्य के दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के इलाकों में 8 मई तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

अगले 4 दिन भारी, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने कोल्हापुर, सतारा, सांगली, बीड, लातूर और धाराशिव जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में आंधी चलने की संभावना है।

इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। धूल भरी आंधी के साथ अचानक होने वाली बारिश लोगों को चौंका सकती है।

स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।

मुंबई और कोंकण में जारी रहेगी उमस भरी गर्मी

जहां एक तरफ राज्य के बाकी हिस्सों में बारिश की उम्मीद है, वहीं मुंबईकरों के लिए फिलहाल कोई खास राहत भरी खबर सामने नहीं आई है।

पालघर, ठाणे, मुंबई और रायगढ़ जैसे तटीय जिलों में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

तटीय जिलों में समुद्र से आने वाली नमी के कारण उमस का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मुंबई में प्री-मानसून का इंतजार बढ़ेगा।

पश्चिमी घाट और कोंकण के जिलों का हाल

कोल्हापुर, सतारा और पुणे के घाट क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना जताई गई है।

रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के तटीय इलाकों में 7 और 8 मई को हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। यह बारिश स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों का परिणाम होगी।

घाट क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

क्या है मौसम बदलने की असली वजह?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी का प्रवाह बढ़ गया है। इसके साथ ही एक विशेष ट्रफ लाइन सक्रिय हुई है।

मध्य प्रदेश से लेकर दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक फैली यह ट्रफ लाइन बादलों के निर्माण में मदद कर रही है, जिससे अचानक बारिश हो रही है।

मौसम में यह बदलाव बदलती हुई सिनॉप्टिक स्थितियों के कारण हुआ है। यह पैटर्न प्री-मानसून सीजन के अनुरूप है, जहां नमी के प्रवाह से स्थानीय आंधी आती है। - एसडी सनप, वैज्ञानिक

प्री-मानसून गतिविधियों का कृषि पर प्रभाव

अचानक होने वाली इस बारिश और तेज आंधी से खेती-किसानी पर भी असर पड़ सकता है। किसानों को अपनी फसलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

तेज हवाओं के कारण फलों के बागानों, विशेषकर आम और अंगूर की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कटे हुए अनाज को सुरक्षित ढक कर रखें।

पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न बांधें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है।

अंत में, महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से को भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है। हालांकि, मुंबई वासियों को मानसून के वास्तविक आगमन तक उमस का सामना करना होगा।

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