राजस्थान

ज्योतिबा फूले की प्रतिमा का अनावरण: अलवर में महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा का अनावरण: मंत्रियों ने दिया शिक्षा और सामाजिक सुधार का बड़ा संदेश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 13 अप्रैल 2026, 10:22 दोपहर
अलवर के रैणी में महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर मंत्रियों ने समाज को शिक्षा, समानता और नशा मुक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

अलवर | राजस्थान के अलवर जिले के रैणी कस्बे में रविवार को एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहाँ नसिया तिराहे पर समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फूले की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा और राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत भी मौजूद रहे।

महापुरुषों का संदेश और सामाजिक एकता

मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते। वे पूरे समाज के गौरव होते हैं और उनका जीवन सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले, डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान देवनारायण जैसे महापुरुषों ने समाज को एकजुट किया। शिक्षा और समानता के क्षेत्र में उनके कार्यों को देश हमेशा याद रखेगा। गहलोत ने युवाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करें। उन्होंने ज्योतिबा फूले के आदर्शों को अपनाकर समाज सुधार में सक्रिय भागीदारी निभाने को कहा।

शिक्षा और मोबाइल के प्रति सावधानी

शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उनकी प्रगति की निगरानी करें। उन्होंने बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से बचाने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। इस अवसर पर मंत्री ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा छात्रावास में समाज के सहयोग से एक अतिरिक्त कमरा बनवाने का वादा किया, जिसका जनता ने स्वागत किया।

पर्यावरण और नशा मुक्ति का संकल्प

वन मंत्री संजय शर्मा ने भी जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने ज्योतिबा फूले के जीवन को वंचितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए एक मिसाल बताया। शर्मा ने कहा कि सावित्री बाई फूले ने शिक्षा की जो अलख जगाई थी, उसे हमें आगे बढ़ाना है। उन्होंने बेटियों को शिक्षित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पुरजोर अपील की। मंत्री ने समाज से दहेज प्रथा और नशे जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा न करने और शादी में दहेज न लेने का संकल्प दिलाया।

एक पेड़ मां के नाम अभियान

पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी इस कार्यक्रम में प्रमुखता से छाया रहा। संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना करते हुए अपना संकल्प साझा किया। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन एक पौधा लगाने का नियम निभा रहे हैं। उन्होंने सभी ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण की रक्षा के लिए कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं। कार्यक्रम में बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। बड़ी संख्या में उमड़े जनसैलाब ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का भरोसा दिया।

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