पाली | राजस्थान के पाली शहर में इन दिनों आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। भगवान महावीर के 2625वें जन्म कल्याणक महोत्सव को लेकर जैन समाज में जबरदस्त उत्साह व्याप्त है। सोमवार की सुबह पाली का अणुव्रत नगर 'णमोकार' के पवित्र मंत्रों से गुंजायमान हो उठा। यहां आयोजित सामूहिक नवकार महामंत्र जाप में करीब तीन हजार समाजबंधुओं ने एक साथ हिस्सा लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
भक्तिमय हुआ अणुव्रत नगर का वातावरण
इस भव्य आयोजन में समाज के हर आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की। सुबह की पहली किरण के साथ ही श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में आयोजन स्थल पर जुटने लगे थे। सामूहिक जाप से पूरा वातावरण अत्यंत पावन और भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति ने उत्साह बढ़ाने के लिए 108 लक्की ड्रॉ भी निकाले। इन ड्रॉ के भाग्यशाली विजेताओं को वहां मौजूद अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया, जिससे कार्यक्रम में खुशी की लहर दौड़ गई। इस विशेष अवसर पर पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख और पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। जैन युवा संगठन के नेतृत्व में इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।
कल शहर में निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 31 मार्च को निकलने वाली भव्य शोभायात्रा होगी। यह यात्रा सुबह साढ़े 7 बजे श्री संघ सभा भवन, बागर मोहल्ला से गाजे-बाजे के साथ रवाना की जाएगी। शोभायात्रा के रूट को लेकर समाज के पदाधिकारियों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह यात्रा गोल निम्बड़ा, गजानंद मार्ग और सर्राफा बाजार जैसे शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसके पश्चात जुलूस घी का झंडा, धानमंडी और आचार्य श्री रघुनाथ स्मृति जैन भवन से होते हुए पुरानी सब्जी मंडी पहुंचेगा। अंत में यह यात्रा अणुव्रत नगर में जाकर संपन्न होगी।
35 झांकियां और 10 बैंड होंगे मुख्य आकर्षण
इस बार की शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए 35 विशेष झांकियां तैयार की गई हैं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान महावीर के प्रेरक जीवन चरित्र और उनके सिद्धांतों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। शोभायात्रा में संगीत की स्वरलहरियां बिखेरने के लिए भंटिडा का मशहूर बैंड और स्थानीय जैन युवा संगठन के बैंड सहित कुल 10 अलग-अलग बैंड शामिल होंगे। बच्चे और युवतियां भी बैंड की धुनों पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। भक्ति के इस सफर में 06 भजन मंडलियां पूरे रास्ते भगवान महावीर के गुणगान करते हुए चलेंगी। साथ ही 03 भव्य बग्गी, 04 सजे-धजे घोड़े और 02 डीजे सिस्टम भी इस जुलूस का मुख्य हिस्सा बनेंगे।
10 हजार लोगों के लिए महाप्रसादी का प्रबंध
शोभायात्रा के समापन के बाद अणुव्रत नगर में एक विशाल महाप्रसादी का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। इसमें करीब 10 हजार जैन समाजबंधुओं के एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर दो विशाल डोम बनाए गए हैं, जिन्हें फूलों और लाइटों से आकर्षक रूप दिया गया है। महिलाओं और पुरुषों के बैठने के लिए अलग-अलग पांडालों की व्यवस्था की गई है ताकि अनुशासन बना रहे। यह सामूहिक भोज न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह समाज में एकता और सामाजिक समरसता का एक बड़ा संदेश भी देगा। पूरे पांडाल में साज-सज्जा के लिए विशेष कारीगरों को नियुक्त किया गया है।
सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए शोभायात्रा के पूरे मार्ग पर शुद्ध पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। जगह-जगह स्वयंसेवक तैनात रहेंगे जो श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखेंगे। जैन युवा संगठन के अध्यक्ष कल्पेश लोढ़ा, विनय बम्ब और ललित मालू सहित पूरी टीम दिन-रात तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सहयोग का आश्वासन दिया है। पाली शहर के इतिहास में यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। शहरवासियों में इस महोत्सव को लेकर जो उत्साह है, वह भगवान महावीर के 'जियो और जीने दो' के संदेश को सार्थक कर रहा है।