राजनीति

ममता बनर्जी: बिना सैलरी और पेंशन के कैसे चलती है दीदी की जिंदगी?

बलजीत सिंह शेखावत · 04 मई 2026, 12:16 दोपहर
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी न तो वेतन लेती हैं और न ही पेंशन। जानिए उनकी सादगी भरी जीवनशैली का राज।

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सादगी की चर्चा केवल बंगाल में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में होती है। राजनीति के शीर्ष पर होने के बाद भी उनका जीवन एक साधारण व्यक्ति जैसा है। आज के समय में जहां छोटे नेता भी लग्जरी लाइफ जीना पसंद करते हैं, वहीं दीदी ने खुद को चकाचौंध से दूर रखा है। वह अपनी पुरानी आदतों और जड़ों से आज भी जुड़ी हुई हैं।

बिना सैलरी और पेंशन के सेवा

ममता बनर्जी की सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री होने के बावजूद वह सरकार से वेतन नहीं लेती हैं। वह पिछले कई सालों से बिना किसी सरकारी तनख्वाह के काम कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह सात बार सांसद रह चुकी हैं। लेकिन उन्होंने संसद से मिलने वाली पेंशन लेने से भी साफ तौर पर मना कर दिया है। यह उनकी ईमानदारी को दर्शाता है। उनका मानना है कि उन्हें अपनी निजी जिंदगी गुजारने के लिए सरकारी खजाने से पैसे लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। वह जनता की सेवा को ही अपना असली पुरस्कार मानती हैं।

कैसे चलता है दीदी का खर्च?

ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर उनका खर्च कैसे चलता है? आपको जानकर हैरानी होगी कि ममता बनर्जी को लिखने और पेंटिंग करने का बहुत शौक है। उनकी अब तक 87 से ज्यादा किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी कई किताबें बेस्ट सेलर रही हैं, जो पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन किताबों से उन्हें अच्छी आय होती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन किताबों से मिलने वाली रॉयल्टी से उन्हें सालाना करीब 10-11 लाख रुपये मिल जाते हैं। यह राशि उनके जीवन यापन के लिए पर्याप्त होती है।

संगीत और कला से जुड़ाव

ममता बनर्जी केवल लिखती ही नहीं, बल्कि वह गाने भी कंपोज करती हैं। वह खुद गाने लिखती हैं, जिससे उन्हें साल में लगभग 3 लाख रुपये की कमाई होती है। वह पेंटिंग भी करती हैं, जो उनकी रचनात्मकता का एक और पहलू है। हालांकि, वह अपनी पेंटिंग से होने वाली कमाई को खुद के लिए इस्तेमाल नहीं करती हैं। वह पेंटिंग से मिलने वाले पैसे को सामाजिक कार्यों के लिए दान कर देती हैं। उनका यह सेवा भाव उन्हें अन्य राजनेताओं से बिल्कुल अलग और खास बनाता है।

आलीशान बंगले के बजाय पुश्तैनी घर

ममता बनर्जी की सादगी का अंदाजा उनके निवास स्थान से भी लगाया जा सकता है। जहां बड़े नेता आलीशान बंगलों में रहते हैं, ममता बनर्जी अपने पुराने घर में रहती हैं। वह दक्षिण कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट वाले अपने छोटे से पुश्तैनी घर में ही खुश हैं। वह मुख्यमंत्री आवास (CM House) में जाकर रहने के पक्ष में नहीं रहतीं। वह अपने इसी घर से सारा सरकारी कामकाज करना पसंद करती हैं। उनका यह सादा अंदाज ही उन्हें आम जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय और विश्वसनीय बनाता है।

सादगी और राजनीति का संगम

ममता बनर्जी का जीवन यह संदेश देता है कि सत्ता में रहकर भी जमीन से जुड़ा रहा जा सकता है। उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन गई है। वह अक्सर हवाई चप्पल और साधारण सूती साड़ी में नजर आती हैं। उनका यह पहनावा उनकी पहचान बन चुका है, जिसे पूरी दुनिया 'दीदी' के नाम से जानती है।

"सादगी और ईमानदारी ही जीवन के सबसे बड़े मूल्य हैं। जनता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और मैं इसी पर चलती हूं।"

ममता बनर्जी का जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी की तलाश करते हैं। उनकी जीवनशैली ने भारतीय राजनीति में एक नई मिसाल पेश की है। उनकी यह सादगी बंगाल की संस्कृति और उनकी अपनी विचारधारा का प्रतिबिंब है। आज भी वह उसी सादगी के साथ राज्य की सेवा में जुटी हुई हैं।

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