लाइफ स्टाइल

हाई बीपी में आम: सच या झूठ?: हाई बीपी में आम खाना फायदेमंद या नुकसानदेह? डॉक्टर से जानें सच

प्रदीप बीदावत · 24 अप्रैल 2026, 12:40 दोपहर
क्या हाई बीपी के मरीज आम खा सकते हैं? जानें DASH डाइट और डॉक्टर की सलाह।

नई दिल्ली | गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजार में 'फलों के राजा' आम की खुशबू हर तरफ महकने लगती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) से जूझ रहे करोड़ों भारतीयों के लिए आम एक चर्चा का विषय है?

अक्सर लोग इसे मीठा समझकर परहेज करते हैं, लेकिन विज्ञान कहता है कि यह फल बीपी के मरीजों के लिए वरदान हो सकता है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए सही खान-पान और जीवनशैली का होना बहुत जरूरी है, जिसमें आम की भूमिका अहम है।

क्या कहता है विज्ञान और शोध?

हाल ही में 'Journal of Agricultural and Food Chemistry' में प्रकाशित एक शोध ने आम को लेकर नई जानकारी दी है।

शोध के अनुसार, आम में मौजूद 'पॉलीफेनोल्स' और 'मैग्नीशियम' रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को आराम देने में बहुत मदद करते हैं।

जब रक्त वाहिकाएं रिलैक्स होती हैं, तो रक्त का प्रवाह सुचारू हो जाता है और हृदय पर दबाव कम पड़ता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि आम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स नसों की सूजन को कम करने में भी काफी प्रभावी होते हैं।

सोडियम और पोटैशियम का संतुलन

आम का सबसे महत्वपूर्ण घटक इसका पोटैशियम है, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए किसी दवा से कम नहीं है।

एक औसत आकार के आम में लगभग 500 से 600 मिलीग्राम तक पोटैशियम पाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी है।

शरीर में पोटैशियम का स्तर बढ़ने पर यह किडनी को अतिरिक्त सोडियम यानी नमक को बाहर निकालने में मदद करता है।

जब शरीर से अतिरिक्त नमक बाहर निकल जाता है, तो ब्लड प्रेशर प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है और स्थिर रहता है।

DASH डाइट और आम का मेल

दुनियाभर के डॉक्टर्स हाइपरटेंशन को रोकने के लिए 'DASH Diet' (Dietary Approaches to Stop Hypertension) की सलाह देते हैं।

यह डाइट प्लान मुख्य रूप से उन खाद्य पदार्थों पर जोर देता है जिनमें पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में हों।

DASH डाइट के नियमों के अनुसार, आम एक ऐसा फल है जो इन सभी पैमानों पर पूरी तरह से खरा उतरता है।

यदि आप आम को सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो यह आपके बीपी को मैनेज करने में मदद करेगा।

क्या है DASH डाइट की खासियत?

DASH डाइट के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को दिन भर में कम से कम 4 से 5 सर्विंग्स फलों की लेनी चाहिए।

आम फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है जो न केवल पाचन सुधारता है बल्कि कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करता है।

जब आप आम को एक standalone स्नैक की तरह लेते हैं, तो यह शरीर को तुरंत ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है।

यह डाइट बीपी के मरीजों को प्रोसेस्ड फूड छोड़कर प्राकृतिक फलों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है, जिसमें आम शीर्ष पर है।

फाइबर का हृदय पर प्रभाव

आम में मौजूद घुलनशील फाइबर रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने की क्षमता रखता है।

कोलेस्ट्रॉल कम होने से धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा कम होता है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है।

फाइबर युक्त आहार लेने से पेट देर तक भरा रहता है, जिससे आप अस्वास्थ्यकर स्नैक्स खाने से बच जाते हैं।

वजन को नियंत्रित रखना भी हाई बीपी के मरीजों के लिए अनिवार्य है, और आम इसमें आपकी सहायता कर सकता है।

एक्सपर्ट की क्या है राय?

दिल्ली के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologist) डॉ. अनिल मेहता ने इस विषय पर अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है।

"लोग अक्सर आम को इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि वह मीठा है, लेकिन बीपी के मरीजों के लिए असली विलेन 'सोडियम' है।"



डॉक्टर मेहता कहते हैं कि आम में सोडियम की मात्रा न के बराबर होती है, जो इसे हृदय रोगियों के लिए सुरक्षित बनाती है।

अगर आप बिना दूध या चीनी मिलाए एक मध्यम आकार का आम खाते हैं, तो यह आपकी नसों के लचीलेपन को बढ़ाता है।

आम खाने का सबसे सही समय

डॉक्टरों के अनुसार, आम का पूरा फायदा उठाने के लिए इसके सेवन के समय पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है।

हाई बीपी और शुगर के मरीजों को इसे भारी भोजन के साथ खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे कैलोरी बढ़ सकती है।

इसे मिड-मील स्नैक के तौर पर सुबह 11 बजे या शाम 4 बजे खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

खाली पेट या भोजन के तुरंत बाद आम खाने से शुगर लेवल में अचानक बढ़ोतरी होने की संभावना रहती है।

मैंगो शेक बनाम साबुत आम

अक्सर लोग गर्मियों में मैंगो शेक या आम का जूस पीना पसंद करते हैं, लेकिन यह बीपी मरीजों के लिए सही नहीं है।

मैंगो शेक में अतिरिक्त चीनी और दूध मिलाने से इसकी कैलोरी बढ़ जाती है और फाइबर की मात्रा कम हो जाती है।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि फल को काटकर चबाकर खाना चाहिए ताकि इसका पूरा फाइबर आपके शरीर को मिल सके।

फाइबर नसों को रिलैक्स करने और पाचन तंत्र को सुचारू रखने में मुख्य भूमिका निभाता है, जो शेक में नहीं मिल पाता।

फाइटिक एसिड का खतरा और समाधान

आम खाने से पहले एक बहुत ही जरूरी प्रक्रिया है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, वह है इसे भिगोना।

आम में 'फाइटिक एसिड' होता है जो शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

इसे खाने से कम से कम 1 घंटा पहले पानी में भिगोकर रखने से यह एसिड निकल जाता है और इसकी तासीर ठंडी होती है।

भिगोया हुआ आम खाने से पेट में गर्मी नहीं होती और यह बीपी के मरीजों के लिए अधिक सुपाच्य हो जाता है।

गर्मियों में आम के अन्य फायदे

आम केवल बीपी ही नहीं, बल्कि गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखने और इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है।

इसमें विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है जो रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है और त्वचा को स्वस्थ रखती है।

विटामिन ए की मौजूदगी आंखों की रोशनी के लिए अच्छी होती है, जो बढ़ती उम्र के साथ कमजोर होने लगती है।

आम में मौजूद एंजाइम्स भोजन को तोड़ने और ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया को तेज करते हैं, जिससे सुस्ती दूर होती है।

सावधानियां जो बरतनी हैं जरूरी

हालांकि आम फायदेमंद है, लेकिन अति हर चीज की बुरी होती है, इसलिए इसकी मात्रा पर नियंत्रण रखना जरूरी है।

एक दिन में एक से ज्यादा बड़े आम का सेवन करने से वजन बढ़ सकता है, जो बीपी के लिए हानिकारक है।

यदि आप मधुमेह (Diabetes) के मरीज हैं, तो आम खाने से पहले अपने डॉक्टर से मात्रा के बारे में परामर्श अवश्य लें।

बाजार में मिलने वाले रसायनों से पकाए गए आमों से बचें और हमेशा प्राकृतिक रूप से पके हुए फलों का चुनाव करें।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल के अन्य तरीके

आम खाने के साथ-साथ बीपी को नियंत्रित करने के लिए नियमित व्यायाम और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

नमक का सेवन कम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।

तनाव कम करने के लिए ध्यान लगाएं, क्योंकि मानसिक शांति का सीधा संबंध आपके हृदय के स्वास्थ्य से होता है।

समय-समय पर अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहें और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का नियमित सेवन करें।

निष्कर्ष: संतुलन ही कुंजी है

निष्कर्षतः, आम हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए एक स्वास्थ्यवर्धक फल है बशर्ते इसे सही तरीके से खाया जाए।

पोटैशियम और फाइबर से भरपूर यह फल आपकी धमनियों को स्वस्थ रखने और सोडियम को संतुलित करने में सक्षम है।

डॉक्टरों की सलाह और DASH डाइट के नियमों का पालन करते हुए आप इस 'फलों के राजा' का आनंद ले सकते हैं।

याद रखें, स्वस्थ खान-पान ही एक लंबी और खुशहाल जिंदगी का सबसे बड़ा आधार है, इसलिए समझदारी से चुनाव करें।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)