लखनपुर | वर्ष 2021 में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ जवान रमाशंकर सिंह के माता-पिता आज आर्थिक तंगी और पारिवारिक विवाद से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बहू पर घर से बेदखल करने का गंभीर आरोप
शहीद के परिजनों ने बहू विस्तूरी सिंह पैकरा पर उन्हें घर से बेदखल करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि वे न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।
परिजनों ने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और पूर्व में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
अनुकंपा नियुक्ति और मुआवजे का मामला
परिजनों का कहना है कि जवान की शहादत के बाद शासन की ओर से परिवार को उचित मुआवजा राशि प्रदान की गई थी। साथ ही शहीद की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई थी।
आरोप है कि उस समय माता-पिता की समुचित देखभाल और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में बहू ने परिवार से दूरी बना ली।
- शहीद के बलिदान के बाद शासन से मिली थी मुआवजा राशि।
- शहीद की पत्नी को प्रदान की गई थी अनुकंपा नियुक्ति।
- देखभाल की जिम्मेदारी के बाद परिवार से दूरी बनाने का आरोप।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
परिजनों का दावा है कि इस स्थिति के चलते शहीद के माता-पिता और भाई को भीषण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि जिस बेटे ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, आज उसी के बुजुर्ग माता-पिता को सम्मानजनक जीवन-यापन के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले में शहीद की पत्नी विस्तूरी सिंह पैकरा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया था। उन्होंने दो दिन बाद पक्ष रखने की बात कही थी, लेकिन बाद में फोन रिसीव नहीं किया।
परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत सही पाए जाने पर नियमों के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
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