राजस्थान

मारवाड़ को 3 बड़ी रेल सौगातें: मारवाड़ को रेलवे की 3 सौगातें: जालोर जुड़ा दिल्ली से

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 20 मई 2026, 12:20 दोपहर
जोधपुर-दिल्ली वंदे भारत में अब 20 कोच, जालोर को मिली पहली दिल्ली ट्रेन।

जोधपुर | मारवाड़ के रेल यात्रियों के लिए 22 मई का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। रेल मंत्रालय इस क्षेत्र को तीन बड़ी सौगातें सौंपने की तैयारी कर चुका है।

जोधपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इन परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। उनके साथ केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहेंगे।

इस कार्यक्रम में जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत के नए स्वरूप को हरी झंडी दिखाई जाएगी। साथ ही जैसलमेर और जालोर के लिए नई रेल सेवाओं की शुरुआत होगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस: अब 20 कोच के साथ भरेगी रफ्तार

जोधपुर से जयपुर होकर दिल्ली कैंट जाने वाली वंदे भारत ट्रेन यात्रियों की पहली पसंद बनी हुई है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है।

अब इस ट्रेन में 8 के बजाय 20 डिब्बे होंगे। इससे न केवल यात्रियों को अधिक सीटें मिलेंगी, बल्कि वेटिंग लिस्ट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी।

यह ट्रेन मेड़ता रोड, डेगाना, मकराना और फुलेरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकती है। इसके विस्तार से राजस्थान के औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलने वाला है।

पर्यटन और उद्योग को मिलेगा नया बूस्ट

वंदे भारत ट्रेन का लाभ मकराना के मार्बल उद्योग और सांभर की नमक इंडस्ट्री को मिल रहा है। इसके अलावा, मेड़ता में मीरा बाई के मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी खुश हैं।

अलवर के सरिस्का अभ्यारण जाने वाले पर्यटकों के लिए भी यह एक बेहतरीन विकल्प है। डिब्बों की संख्या बढ़ने से अब अधिक सैलानी इस लग्जरी सफर का आनंद ले सकेंगे।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन के इंटीरियर और सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।

जैसलमेर तक साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का विस्तार

स्वर्ण नगरी जैसलमेर के लिए भी रेलवे ने अपनी झोली खोल दी है। साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस (20485/86) का विस्तार अब जैसलमेर तक कर दिया गया है।

जैसलमेर न केवल पर्यटन बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों को अब सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकेगा।

सोनार किला, पटवों की हवेली और थार मरुस्थल की सैर करने वालों के लिए यह ट्रेन वरदान साबित होगी। इससे स्थानीय गाइड और होटल व्यवसाय को भी मजबूती मिलेगी।

चिकित्सा और शिक्षा के लिए आसान होगी राह

जैसलमेर के निवासियों को अक्सर बेहतर इलाज और शिक्षा के लिए जोधपुर या अहमदाबाद जाना पड़ता है। इस ट्रेन के विस्तार से उनकी राह अब बहुत आसान हो जाएगी।

सीमांत जिले के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत है। अब वे कम समय और कम खर्च में बड़े शहरों तक पहुंच सकेंगे। यह विस्तार सामाजिक विकास में सहायक होगा।

"रेलवे का यह विस्तार मारवाड़ की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा। कनेक्टिविटी बढ़ने से व्यापार और पर्यटन दोनों को नई दिशा मिलेगी।"

जालोर का सपना हुआ सच: पहली बार दिल्ली से जुड़ा

जालोर जिले के लिए 22 मई की तारीख सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी। रेल मंत्री जालोर से भुज-दिल्ली नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

यह पहली बार है जब जालोर सीधे देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ रहा है। स्थानीय लोगों की यह मांग दशकों पुरानी थी, जो अब जाकर पूरी हुई है।

यह ट्रेन भीलड़ी, जालोर, पाली मारवाड़ और मारवाड़ जंक्शन होकर गुजरेगी। इससे पश्चिमी राजस्थान और उत्तर भारत के बीच एक मजबूत संपर्क तंत्र स्थापित हो जाएगा।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

नई ट्रेन अंजार, गांधीधाम, धनेरा, रानीवाड़ा और मारवाड़ भीनमाल जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। इसके अलावा मोदरान, मोकलसर, समदड़ी और लूणी में भी इसका ठहराव होगा।

ब्यावर, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर के यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिलेगा। यह रूट व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण माना जाता है।

जालोर के सांसद लूंबाराम ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि इससे जालोर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी।

भगत की कोठी में बनेगा आधुनिक मेंटेनेंस डिपो

जोधपुर के भगत की कोठी में देश का पहला वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेंटेनेंस डिपो बन रहा है। इसके प्रथम चरण का काम तेजी से चल रहा है।

रेल मंत्री के दौरे के दौरान इसके 'फेज-2' की आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। इस दूसरे चरण में अत्याधुनिक वर्कशॉप और ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

यहां देशभर के इंजीनियरों और लोको पायलटों को हाई-स्पीड ट्रेनों के रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जोधपुर को रेलवे ट्रेनिंग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

नया कोचिंग टर्मिनल और कोच केयर कॉम्प्लेक्स

भगत की कोठी में 400 करोड़ रुपये की लागत से नया कोचिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा। यह भविष्य की नई ट्रेनों के संचालन के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करेगा।

साथ ही, जैसलमेर में नवनिर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी संभावित है। इससे जैसलमेर में ही ट्रेनों की साफ-सफाई और मरम्मत का काम उच्च स्तर पर हो सकेगा।

इन बुनियादी ढांचागत सुधारों से राजस्थान में रेल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा। यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उनके अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी।

कुल मिलाकर, रेलवे की ये सौगातें मारवाड़ के विकास की गति को तेज करेंगी। पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के क्षेत्रों में इससे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

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