शख्सियत

Rajasthan का Business King: Cook से करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वाले Meghraj Singh Royal की कहानी

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 25 मई 2026, 11:26 दोपहर
मेघराज सिंह रॉयल ने बताया कैसे एक 11वीं पास युवक ने खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य और विज़न।

जयपुर | राजस्थान की मरुधरा से निकलकर वैश्विक व्यापारिक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले मेघराज सिंह रॉयल की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

मेघराज सिंह रॉयल आज एमआरएस (MRS) ग्रुप के सर्वेसर्वा हैं और उनका नाम राजस्थान के सबसे प्रभावशाली व्यवसायियों में शुमार किया जाता है।

शून्य से शिखर तक का सफर

मेघराज सिंह ने अपनी जीवन यात्रा की शुरुआत एक बहुत ही साधारण पृष्ठभूमि से की थी।

वह 11वीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं और पढ़ाई में खुद को कमजोर मानते थे।

उनके पिता चाहते थे कि वह एक शिक्षक बनें लेकिन नियति ने उनके लिए कुछ और ही चुना था।

होटल इंडस्ट्री में पहला कदम

पिता के एक परिचित के माध्यम से मेघराज सिंह का दाखिला जयपुर के फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट में हुआ।

यहीं से उनके जीवन की दिशा बदली और उन्होंने कुकिंग का डिप्लोमा हासिल किया।

उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जयपुर के प्रसिद्ध रामबाग पैलेस होटल से शुरू की थी।

रामबाग में काम करते समय एक बार उन्हें हाथ में ट्रे लेकर चलते हुए शर्म महसूस हुई थी।

तब उनके गुरु ने उन्हें समझाया था कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और यही उनका भविष्य बदलेगा।

विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव

रामबाग पैलेस के बाद मेघराज सिंह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने का फैसला किया।

वह बहरीन चले गए जहाँ उन्होंने 1800 रुपये की मासिक नौकरी की थी।

उस दौर में 1800 रुपये एक बड़ी रकम मानी जाती थी जिससे एक तोला सोना खरीदा जा सकता था।

सऊदी अरब और ग्रीक टूरिज्म का अनुभव

बहरीन के बाद उन्होंने सऊदी अरब और ग्रीक टूरिज्म के साथ भी काम किया।

विदेश में काम करते हुए उन्हें यह समझ आया कि मैनेजमेंट और विज़न क्या होता है।

वहाँ उन्होंने देखा कि कैसे एक फ्रेंच शेफ ने पूरे होटल का बिजनेस मॉडल बदल दिया था।

वहाँ से उन्होंने 'स्टार' क्वालिटी के साथ काम करने का जज्बा हासिल किया।

जैसलमेर: मरुस्थल में विज़न की स्थापना

1985 के आसपास एक दक्षिण भारतीय सहकर्मी ने उन्हें जैसलमेर जाने की सलाह दी थी।

उस समय जैसलमेर को 'काला पानी' माना जाता था और वहाँ पर्यटन की कोई विशेष संभावना नहीं दिखती थी।

मेघराज सिंह ने जैसलमेर में एक ऊंटों का अस्तबल किराए पर लिया और उसे आठ कमरों के होटल में बदला।

सूर्यागढ़ और वैश्विक पहचान

उन्होंने जैसलमेर में अपनी मेहनत से एक ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज उनका होटल 'सूर्यागढ़' एशिया के सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जाता है।

उनके होटल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

यह सब उनके उस विज़न का नतीजा था जो उन्होंने 1985 में रेगिस्तान की धूल के बीच देखा था।

बजरी किंग और माफिया शब्द पर स्पष्टीकरण

मेघराज सिंह रॉयल को अक्सर 'बजरी किंग' या 'बजरी माफिया' जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता है।

इस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि यह शब्द केवल उन लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं जिनका अवैध कारोबार बंद हुआ।

उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राजस्थान सरकार के टेंडर हासिल किए थे।

अवैध खनन के खिलाफ जंग

मेघराज सिंह ने कहा कि जब उन्होंने कानूनी रूप से टेंडर लिए तो अवैध खनन करने वालों को तकलीफ हुई।

उन्होंने सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व दिया और पारदर्शी तरीके से काम किया।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई स्थानीय नेताओं का प्रत्यक्ष रूप से अवैध खनन में हाथ था।

योगी आदित्यनाथ का शासन मॉडल

इंटरव्यू के दौरान मेघराज सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत में बिजनेस करने के लिए उत्तर प्रदेश सबसे सुरक्षित और पारदर्शी राज्य है।

योगी सरकार में अधिकारियों का रवैया सकारात्मक है और वे उद्यमियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करते हैं।

विज़न बनाम पैसा

उन्होंने बताया कि यूपी में टेंडर प्रक्रिया में केवल पैसा नहीं बल्कि उद्यमी का विज़न भी देखा जाता है।

यही कारण है कि बाबा रामदेव और ओबेरॉय ग्रुप जैसे बड़े नामों के बीच उनकी कंपनी को प्राथमिकता मिली।

योगी के राज में माफिया राज खत्म हो गया है और अब व्यापारी वहाँ बेखौफ निवेश कर रहे हैं।

सामाजिक सरोकार: यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन

मेघराज सिंह ने केवल धन नहीं कमाया बल्कि समाज को वापस लौटाने का भी काम किया है।

उन्होंने यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन की स्थापना की है जो गरीब बच्चों की मदद करता है।

यह फाउंडेशन दो तरह के बच्चों पर ध्यान केंद्रित करता है: जो पढ़ाई में कमजोर हैं और जो 90% से अधिक अंक लाते हैं।

कौशल विकास पर जोर

वह मानते हैं कि केवल डिग्री से काम नहीं चलता बल्कि इंसान के पास हुनर (Skill) होना चाहिए।

उन्होंने 100 ऐसे बच्चों को चुना है जो पढ़ाई में पीछे थे और उन्हें होटल इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

इन बच्चों को 25,000 रुपये तक का वजीफा और भविष्य की सुरक्षा दी जा रही है।

राजस्थान के लिए भविष्य का विज़न

मेघराज सिंह ने राजस्थान में बेरोजगारी खत्म करने के लिए एक क्रांतिकारी मॉडल पेश किया है।

उनका सुझाव है कि राजस्थान की 10% बंजर जमीन का उपयोग सौर ऊर्जा के लिए किया जाना चाहिए।

यदि 15 लाख बेरोजगारों को 6-6 एकड़ जमीन दी जाए तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

पर्यावरण और सौर ऊर्जा का संगम

उनका मॉडल कहता है कि 4 एकड़ में सोलर पैनल लगाए जाएं और 2 एकड़ में पेड़ लगाए जाएं।

इससे न केवल बिजली पैदा होगी बल्कि पर्यावरण का संरक्षण भी होगा और लाखों परिवारों को आय मिलेगी।

उन्होंने इस योजना को प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य नीति निर्माताओं तक भी पहुँचाया है।

राजनीति में भागीदारी पर विचार

मेघराज सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें चुनाव लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

वह चाहते हैं कि नीतियों के निर्धारण में विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों की भागीदारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनके बच्चे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन वे समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहेंगे।

विश्वासघात न करने का वचन

मेघराज सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के उस आशीर्वाद को देते हैं जो उन्होंने जैसलमेर जाने से पहले दिया था।

उनके पिता ने उनसे वचन लिया था कि वह कभी किसी के साथ 'विश्वासघात' नहीं करेंगे।

मेघराज सिंह आज भी उस वचन का पालन कर रहे हैं और यही उनकी व्यापारिक साख का आधार है।

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