जयपुर | राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक जयपुर के अंबेडकर भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई थी। बैठक का मुख्य केंद्र देवनारायण योजना के तहत अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के उत्थान के लिए चल रहे कार्यक्रमों की प्रगति जानना था। मंत्री ने योजनाओं की भौतिक और वित्तीय स्थिति का बारीकी से विश्लेषण किया।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता
गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार पिछड़ों को मुख्यधारा में लाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों के परिणामों पर खुशी जताई। मंत्री के अनुसार, हाल ही में हुई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में इन विद्यालयों के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग और सुधार का ही सुखद परिणाम है।
योजनाओं का विस्तार और क्रियान्वयन
बैठक के दौरान देवनारायण छात्रवृत्ति, गुरुकुल योजना और अनुप्रति योजना पर गहन चर्चा हुई। साथ ही मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण और प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए। उन्होंने बजट आवंटन और उसके सही उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
विभागीय समन्वय और सहयोग
इस उच्च स्तरीय बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण और कौशल नियोजन जैसे कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने क्रियान्वयन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। निदेशक ललित कुमार ने आश्वासन दिया कि बैठक में प्राप्त सुझावों को योजनाओं में शामिल कर उनमें निरंतर सुधार किया जाएगा। पीपीटी के माध्यम से योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।
समिति के प्रतिनिधियों की मौजूदगी
बैठक में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह बैंसला ने भी शिरकत की। उन्होंने समिति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। अंत में, गहलोत ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। देवनारायण बोर्ड के सदस्य भी इस दौरान उपस्थित रहे।