सिरोही |मुख्यालय स्थित राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास की छात्राओं द्वारा भोजन की खराब गुणवत्ता की शिकायत के बाद पिंडवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया ने मंगलवार को छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। विधायक ने आदिवासी बालिकाओं से आत्मीयता से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया।
उन्होंने राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) द्वारा निर्धारित आवास, भोजन व शिक्षा के मापदंडों का भी जायजा लिया।
छात्राओं ने बताई अपनी समस्याएं
संवाद के दौरान, बालिकाओं ने विधायक को खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। छात्राओं ने अवगत कराया कि छात्रावास में पुराना और घटिया राशन दिया जा रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व वार्डन का व्यवहार भी उनके प्रति ठीक नहीं था। इस पर विधायक गरासिया ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद भोजनशाला और स्टोर रूम का सघन निरीक्षण किया।
उन्होंने वहां उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को भी बारीकी से परखा।
नवनियुक्त वार्डन को कड़े निर्देश
विधायक समाराम गरासिया ने मौके पर ही मौजूद नवनियुक्त वार्डन आरती गरासिया को साफ शब्दों में हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में तुरंत सुधार किया जाए।
विधायक ने कहा, "आदिवासी समाज की बेटियों के स्वास्थ्य और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं होगा।"
उन्होंने वार्डन को बालिकाओं के साथ प्रेम और आदरपूर्वक व्यवहार करने के भी आवश्यक निर्देश दिए। विधायक ने आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले के स्थाई समाधान के लिए शीघ्र ही परियोजना अधिकारी (टीएडी) से मुलाकात करेंगे।
'पहल' ग्रुप कराएगा खेल सामग्री उपलब्ध
निरीक्षण के दौरान जब विधायक ने छात्राओं से पूछा कि "बेटियों, तुम्हें और किस चीज की जरूरत है?", तो बालिकाओं ने खेल सामग्री उपलब्ध कराने की इच्छा जताई।
इस पर विधायक के साथ मौजूद जिला सतर्कता समिति सदस्य महिपाल चारण एवं सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खंडेलवाल ने अपनी संस्था "पहल" की ओर से मदद का हाथ बढ़ाया।
उन्होंने सोशल व्हाट्सएप ग्रुप "पहल" की ओर से छात्रावास की बालिकाओं को तुरंत खेल सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
इस मुलाकात के दौरान विधायक ने बालिकाओं को जीवन में आगे बढ़ने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर आरआई बदाराम, क्षेत्र के पटवारी सहित छात्रावास स्टाफ उपस्थित रहे।
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