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युवाओं पर भागवत का संदेश: नई पीढ़ी से संवाद जरूरी, आदेश देना बंद करें

बलजीत सिंह शेखावत · 25 जुलाई 2026, 11:34 दोपहर
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सवाल पूछती है और तर्क चाहती है, इसलिए उनसे आदेश देने के बजाय संवाद करना जरूरी है।

नई दिल्ली |

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने आज की युवा पीढ़ी को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलते समय के साथ, नई पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करना बेहद आवश्यक है, न कि केवल उन्हें आदेश देना।

नई दिल्ली में 'विश्व मांगल्य सभा' के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।

नई पीढ़ी को समझना जरूरी

मोहन भागवत ने कहा कि अब समय बदल गया है। आज की युवा पीढ़ी हर बात को गहराई से समझना चाहती है।

उन्होंने कहा, "नई पीढ़ी सवाल पूछती है और तर्क के साथ जवाब चाहती है।" इसलिए, बच्चों और युवाओं के साथ बातचीत का माहौल बनाना महत्वपूर्ण है।

भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बहस तेज है, जिसमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन भी शामिल है।

पहले और आज के समय में अंतर

उन्होंने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि पहले बच्चों से बिना सवाल किए बात मानने की उम्मीद की जाती थी।

लेकिन, उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की पीढ़ी की सोच और तरीका अलग है। वे किसी भी बात को आंख मूंदकर स्वीकार नहीं करते, बल्कि उसे जानना और समझना चाहते हैं।

परिवारों में संवाद की कमी

भागवत ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि आजकल परिवारों में आपसी बातचीत पहले की तुलना में कम होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, लेकिन कई बार उन्हें सही और संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता।

संस्कृति और परंपराओं की सही जानकारी

RSS प्रमुख ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों के सवालों को समझना चाहिए और उन्हें समय देना चाहिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बच्चे भगवान और भारतीय परंपराओं से जुड़े सवाल पूछते हैं, जैसे किसी देवी-देवता का स्वरूप ऐसा क्यों है।

भागवत ने जोर देकर कहा कि यह जरूरी है कि बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की सही और तार्किक जानकारी मिले, ताकि वे उसे बेहतर ढंग से समझ सकें।

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