मानसून ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर भारत में अलर्ट
पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती सिस्टम का असर अब उत्तर भारत में साफ दिखाई दे रहा है।
कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि आने वाले दिनों में और ज्यादा तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन राज्यों में हुई जोरदार बारिश
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ और मेघालय में 21 सेंटीमीटर तक बारिश हुई।
पंजाब, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में भी बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में भी अच्छी बारिश हुई।
19 से 24 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 19 से 24 जुलाई तक उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना है।
आंधी, बिजली और तेज हवाओं से रहें सावधान
बारिश के साथ कई जगहों पर तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।
मध्य और दक्षिण भारत का हाल
वहीं मध्य भारत में भी मानसून अगले 6-7 दिनों तक सक्रिय रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मध्यम से अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
हालांकि दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर बना रहेगा।
बारिश की कमी से खरीफ बुवाई पर असर
जुलाई आधा से अधिक बीत चुका है, लेकिन कई राज्यों में बारिश का इंतजार अभी भी जारी है। मानसून के पहुंचने के बावजूद उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से काफी कम रही है।
इसका असर किसानों और आम लोगों पर दिखने लगा है। खरीफ फसलों की बुवाई में देरी हो रही है, वहीं सिंचाई और पेयजल को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
बारिश की कमी से खरीफ बुवाई करीब 16 प्रतिशत पीछे चल रही है। हालांकि जलाशयों में पानी की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है।
मौसम विभाग को उम्मीद है कि 20 से 30 जुलाई के बीच उत्तर और मध्य भारत में मानसून फिर जोर पकड़ सकता है। किसानों और आम लोगों को अब सावन की झमाझम बारिश का इंतजार है।
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