नई दिल्ली | देश में मानसून का 'मेगा शो' शुरू हो चुका है। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब गहरे डिप्रेशन में बदल गया है। इसके प्रभाव से मध्य और उत्तर भारत में भारी बारिश होगी।
मौसम विभाग का ताजा अलर्ट और चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार से पांच दिनों तक देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यह वेदर सिस्टम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसमी डिप्रेशन अगले 24 घंटों में उत्तरी ओडिशा और छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा। इससे मध्य, पश्चिम और उत्तर भारत में मानसूनी हवाएं और अधिक सक्रिय हो जाएंगी।
इसके कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा होगी। प्रशासन को इन क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने से पश्चिमी राज्यों में बारिश का प्रकोप बढ़ेगा। इससे बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ सकता है।
"अगले कुछ दिनों में पश्चिमी और मध्य भारत में बारिश की तीव्रता काफी बढ़ेगी। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी जाती है।" - आईएमडी मौसम विज्ञानी
विभिन्न राज्यों में बारिश का अनुमान
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश में 5 से 8 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, महाराष्ट्र के कोंकण और मुंबई क्षेत्रों में 6 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड का हाल
झारखंड में 8 जुलाई तक लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार में 6 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश में 8 और 9 जुलाई को मूसलाधार बारिश होगी।
राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। जयपुर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार को दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं और बारिश के कारण 15 से अधिक विमानों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा।
मुंबई और पुणे में भी भारी बारिश से सड़कें तालाब बन गईं। मुंबई हवाई अड्डे पर रनवे संचालन को लगभग एक घंटे के लिए रोकना पड़ा, जिससे कई उड़ानें प्रभावित हुईं।
नालासोपारा में सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और कई गाड़ियां पानी में फंस गईं। स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है।
गुजरात के जूनागढ़ और भावनगर में गंभीर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी भारी बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी भर गया है।
पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ है। इसके कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने को कहा गया है।
पश्चिमी भारत में रिकॉर्डतोड़ बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में पश्चिमी भारत में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कोंकण के घाट क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं, सौराष्ट्र के कुछ तटीय इलाकों में 570 मिमी तक रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई है, जिससे नड़ियां उफान पर हैं।
वाटरफॉल में फंसे पर्यटक
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के जेनिथ वाटरफॉल में अचानक पानी बढ़ने से 100 से अधिक पर्यटक फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रायगढ़ की इस घटना के बाद, प्रशासन ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों और झरनों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। सैलानियों को मानसून के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष और सुरक्षा उपाय
मानसून का यह उग्र रूप आने वाले दिनों में और अधिक सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों से दूर रहें।
सभी प्रभावित राज्यों में आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि जनहानि रोकी जा सके।
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