नई दिल्ली | मानसून 2026 की शुरुआत के साथ ही लोग गर्मी से राहत पाने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए घूमने की योजना बना रहे हैं। कई लोग इस सुहाने मौसम में वाइल्डलाइफ सफारी का अनुभव करना चाहते हैं। लेकिन योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी है कि इस मौसम में कई प्रमुख नेशनल पार्क आंशिक रूप से बंद हो जाते हैं।
मानसून में क्यों बंद हो जाते हैं सफारी जोन?
मानसून का समय वन्यजीवों के लिए, विशेषकर स्तनधारियों के लिए, प्रजनन काल होता है। इस दौरान उन्हें शांति और सुरक्षित माहौल की आवश्यकता होती है।
इंसानी दखलअंदाजी से उनके प्राकृतिक व्यवहार में बाधा आ सकती है, इसलिए पार्क प्रशासन कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को पर्यटकों के लिए बंद कर देता है।
इसके अलावा, भारी बारिश के कारण जंगल के अंदर के कच्चे रास्ते बेहद फिसलन भरे और कीचड़युक्त हो जाते हैं, जिससे वाहनों का चलना खतरनाक हो सकता है।
कई बार नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने से भी सफारी के रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होता है।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड
दिल्ली और आसपास के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए जिम कॉर्बेट एक पसंदीदा वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन है। यह पार्क बाघ, हाथी और विभिन्न प्रकार के पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
हालांकि, मानसून के दौरान यहां के कई प्रमुख सफारी जोन, जैसे ढिकाला और बिजरानी, आमतौर पर 15 जून से बंद कर दिए जाते हैं।
अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले पार्क के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके खुले हुए जोनों की सटीक जानकारी अवश्य लें।
रणथंभौर नेशनल पार्क, राजस्थान
ऐतिहासिक किलों और खंडहरों के बीच बाघों को देखने का अनूठा अनुभव रणथंभौर को खास बनाता है। यह भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है।
लेकिन यहां भी मानसून के आते ही 1 जुलाई से 30 सितंबर तक अधिकांश सफारी जोन बंद कर दिए जाते हैं।
बारिश के कारण घास घनी हो जाती है, जिससे जानवरों को देखना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, फिसलन भरे रास्तों पर सफारी वाहन चलाना जोखिम भरा होता है।
एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने बताया, "वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। मानसून के दौरान जंगल का इकोसिस्टम संवेदनशील होता है, इसलिए कुछ प्रतिबंध आवश्यक हैं।"
यात्रा की योजना बनाते समय क्या ध्यान रखें?
किसी भी नेशनल पार्क जाने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें। वहां आपको बंद और खुले सफारी जोन की ताजा और प्रामाणिक जानकारी मिल जाएगी।
पार्क के हेल्पलाइन नंबर या संबंधित अधिकारियों से फोन पर बात करके अपनी यात्रा की पुष्टि करें और बुकिंग के नियमों को समझें।
अगर मुख्य जोन बंद हैं, तो कुछ पार्कों के बफर जोन मानसून में भी खुले रहते हैं। आप वहां सफारी का आनंद लेने की संभावना तलाश सकते हैं।
मानसून में वाइल्डलाइफ सफारी एक यादगार अनुभव हो सकता है, बशर्ते आप पूरी जानकारी और तैयारी के साथ जाएं। सही योजना बनाकर आप प्रकृति का सम्मान करते हुए एक सुरक्षित और सुखद यात्रा कर सकते हैं।
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