माउंट आबू | राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। होटल एसोसिएशन ऑफ माउंट आबू ने स्थानीय प्रशासन पर चयनात्मक और बदले की भावना से कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है।
अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश
नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ यूसुफ खान पठान के होटल परिसर पहुंची। प्रशासन ने अचानक कार्रवाई करते हुए परिसर के पीछे बने जनरेटर रूम और टॉयलेट को ध्वस्त कर दिया।
होटल प्रबंधन का दावा है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे व्यापारिक समुदाय में डर और रोष का माहौल व्याप्त हो गया है।
कार्रवाई के दौरान होटल के अंदर रखे कीमती सामान को भी जब्त कर लिया गया। व्यापारियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों और स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है।
बदले की भावना का लगाया आरोप
होटल एसोसिएशन का दावा है कि एक दिन पहले हुई बैठक में प्रशासन को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज न सौंपने का निर्णय लिया गया था। व्यापारियों का मानना है कि इसी फैसले के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
चयनात्मक कार्रवाई पर उठे सवाल
व्यापारियों ने सवाल उठाया कि मुख्य मार्ग पर कई अन्य प्रतिष्ठान भी इसी स्थिति में हैं। इसके बावजूद केवल एक ही होटल पर बुलडोजर चलाना प्रशासन की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
व्यापारिक समुदाय ने इसे आवाज दबाने की कोशिश करार दिया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने न्याय के सिद्धांतों को ताक पर रखकर यह दमनकारी और अन्यायपूर्ण कदम उठाया है।
प्रशासन ने बिना किसी कानूनी नोटिस के यह कार्रवाई की है। यह पूरी तरह से बदले की भावना से प्रेरित है और हम इसके खिलाफ हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। - यूसुफ खान, अध्यक्ष
कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी का दावा
व्यापारियों ने हवाला दिया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। किसी भी निर्माण को ढहाने से पहले पर्याप्त समय और नोटिस देना अनिवार्य प्रक्रिया है।
स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस पूरे विवादित मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पीड़ित पक्ष अब इस मामले में मुआवजे और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
व्यापारी अब अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच चाहते हैं ताकि भविष्य में ऐसी मनमानी और गैर-कानूनी कार्रवाइयों पर प्रभावी रोक लग सके।
निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति
माउंट आबू में हुई इस कार्रवाई ने प्रशासन और पर्यटन व्यवसायियों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या व्यापारियों को न्याय मिल पाएगा।
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