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माउंट आबू: अवैध निर्माण ध्वस्त: माउंट आबू: होटल मिनी माउंट में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

किशन वासवानी · 08 जुलाई 2026, 11:02 रात
माउंट आबू में नगर पालिका ने गोमुख रोड के सामने स्थित होटल मिनी माउंट में हो रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के कड़े आदेशों के बाद भी जारी अवैध निर्माण के बीच हुई है।

माउंट आबू |

माउंट आबू में अवैध निर्माण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद, हाईकोर्ट के कड़े आदेशों की भी लगातार अवहेलना हो रही है। इसी क्रम में, नगर पालिका ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

नगर पालिका ने माउंट आबू के मुख्य मार्ग, गोमुख रोड के ठीक सामने स्थित होटल मिनी माउंट में हो रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

मुख्य मार्ग पर बड़ी कार्रवाई

यह घटनाक्रम बुधवार का है, जब नगर पालिका की टीम ने होटल मिनी माउंट में अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की। यह निर्माण काफी समय से चल रहा था और मुख्य मार्ग पर होने के कारण सभी की नजरों में था।

पालिका के अवैध निर्माण दस्ते ने मौके पर जाकर निर्माण को अवैध पाया और उसे तत्काल प्रभाव से तोड़कर ध्वस्त कर दिया।

क्या थी निर्माण की योजना?

नगर पालिका आयुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल मिनी माउंट में पांच से छह कॉलम खड़े कर बड़े निर्माण की तैयारी की जा रही थी।

यह निर्माण होटल के पिछले अंदरूनी हिस्से में हो रहा था। इन कॉलम को खड़ा कर एक बड़े स्पेस पर निर्माण कर बाद में कमरा बनाने का प्रयास था, जिसे पालिका की टीम ने विफल कर दिया।

हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह अवैध निर्माण उस समय हो रहा था जब महज दो महीने पहले ही राजस्थान उच्च न्यायालय ने माउंट आबू में अवैध निर्माण को लेकर 14 बिंदुओं पर कड़े आदेश पारित किए थे।

मुख्य न्यायाधीश व एक वरिष्ठ न्यायाधीश की खंडपीठ ने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए पालना के निर्देश दिए थे। इन सबके बावजूद अवैध निर्माण का जारी रहना प्रशासनिक नाकामी का जीता-जागता सबूत है।

प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

इस पूरी प्रक्रिया में उपखण्ड प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जिस जगह से निर्माण तोड़ा जाता है, वहां कुछ समय बाद फिर से नया निर्माण शुरू हो जाता है।

बार-बार अवैध निर्माण का बनना और फिर उसे तोड़ना, यह पालिका की असफलता को स्पष्ट रूप से सिद्ध करता है।

अधिकारियों ने साधी चुप्पी

इस मामले में जब नगर पालिका के आयुक्त से लेकर अन्य अधिकारियों से फोन पर या व्यक्तिगत रूप से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो किसी ने भी कोई जानकारी प्रदान नहीं की और न ही फोन रिसीव किया।

बाद में पालिका द्वारा केवल कुछ चित्र और वीडियो भेजे गए, जो यह दर्शाने का प्रयास था कि वे अवैध निर्माण के खिलाफ सजग हैं। हालांकि, यह कार्रवाई एक औपचारिकता मात्र नजर आती है।

कार्रवाई में ये रहे मौजूद

इस कार्रवाई के दौरान ऐयन नवोदित सिंह, शिल्पा बिस्ट, जन स्वास्थ्य प्रभारी रमेश, तरुण जमादार, मनीष जमादार एवं उनकी टीम मौके पर मौजूद रही।

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